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दो माह में उखड़ा एक करोड़ का डामरीकरण
ब्यूरो/ अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Fri, 18 Mar 2016 10:37 PM IST
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भटवाड़ी-गोरसाली-जखोल मोटर मार्ग पर एक करोड़ से कराया गया डामरीकरण दो माह भी नहीं टिका। क्षेत्र के छह गांवों को जोड़ने के साथ ही गंगोत्री हाईवे के विकल्प वाली इस सड़क में लापरवाही पर अधिकारियों की चुप्पी चौंकाने वाली है।
भटवाड़ी ब्लाक के द्वारी, पाही, गोरसाली, जखोल आदि गांवों को जोड़ने के लिए करीब 15 किमी लंबी भटवाड़ी-जखोल सड़क बनी। दो माह पहले ही भटवाड़ी की ओर से शुरुआती 2.6 किमी हिस्से में राज्य योजना मद के तीस लाख रुपये बजट से पहली बार डामरीकरण कराया गया। इससे आगे जखोल तक करीब सात किमी हिस्से में वार्षिक अनुरक्षण मद में अस्सी लाख की लागत से डामरीकरण हुआ। घटिया गुणवत्ता के कारण दो माह में ही शुरुआती ढाई किमी हिस्से में डामरीकरण उखड़ गया।
घटिया निर्माण की पोल खुलने पर विभाग ने दो बार खराब पैच को ठीक भी कराया, लेकिन यह फिर उखड़ गया। गोरसाली, जखोल की ओर भी सात किमी सड़क पर दिसंबर में कराया गया डामरीकरण उखड़ने लगा है, जबकि ठेकेदारों को पूरा अस्सी लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। लोनिवि के डिवीजन मुख्यालय से शुरू हो रही इस सड़क की घटिया गुणवत्ता से विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
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सड़क के शुरुआती ढाई किमी हिस्से में डामरीकरण उखड़ने की शिकायत पर ठेकेदार का भुगतान रोका गया है। इस कार्य की लागत तीस लाख है। ठेकेदार को दोबारा सड़क दुरुस्त कराने को कहा गया है। इससे आगे की सड़क पर अस्सी लाख रुपये लागत से कराए गए डामरीकरण की फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है। - राजेंद्र खत्री, ईई लोनिवि भटवाड़ी।
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भटवाड़ी ब्लाक के द्वारी, पाही, गोरसाली, जखोल आदि गांवों को जोड़ने के लिए करीब 15 किमी लंबी भटवाड़ी-जखोल सड़क बनी। दो माह पहले ही भटवाड़ी की ओर से शुरुआती 2.6 किमी हिस्से में राज्य योजना मद के तीस लाख रुपये बजट से पहली बार डामरीकरण कराया गया। इससे आगे जखोल तक करीब सात किमी हिस्से में वार्षिक अनुरक्षण मद में अस्सी लाख की लागत से डामरीकरण हुआ। घटिया गुणवत्ता के कारण दो माह में ही शुरुआती ढाई किमी हिस्से में डामरीकरण उखड़ गया।
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घटिया निर्माण की पोल खुलने पर विभाग ने दो बार खराब पैच को ठीक भी कराया, लेकिन यह फिर उखड़ गया। गोरसाली, जखोल की ओर भी सात किमी सड़क पर दिसंबर में कराया गया डामरीकरण उखड़ने लगा है, जबकि ठेकेदारों को पूरा अस्सी लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। लोनिवि के डिवीजन मुख्यालय से शुरू हो रही इस सड़क की घटिया गुणवत्ता से विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
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सड़क के शुरुआती ढाई किमी हिस्से में डामरीकरण उखड़ने की शिकायत पर ठेकेदार का भुगतान रोका गया है। इस कार्य की लागत तीस लाख है। ठेकेदार को दोबारा सड़क दुरुस्त कराने को कहा गया है। इससे आगे की सड़क पर अस्सी लाख रुपये लागत से कराए गए डामरीकरण की फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है। - राजेंद्र खत्री, ईई लोनिवि भटवाड़ी।