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Uttarkashi: 45 डिग्री तापमान में भी बर्फ से जमी केदारताल की झील, साढ़े पंद्रह हजार फीट की ऊंचाई पर है स्थित
Wed, 27 May 2026 07:51 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तरकाशी
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तरकाशी
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 27 May 2026 07:51 AM IST
सार
केदारताल की झील बर्फ से जमी है। करीब साढ़े पंद्रह हजार फीट की ऊंचाई पर यह झील स्थित है। केदारताल केदारगंगा नदी का उद्गम स्थल है।
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बर्फ से जमी केदारताल की झील
- फोटो : जागरूक पाठक
विस्तार
मैदानी क्षेत्रों में इन दिनों तापमान 40 से 45 डिग्री है तो पहाड़ों में भी 30 से 35 डिग्री सेल्सियस देखने को मिल रहा है। इस सबके बीच जनपद के गंगोत्री घाटी में समुद्रतल से करीब साढ़े 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारताल से अलग ही तस्वीर सामने आई है।
वहां पर केदारगंगा नदी का उद्गम स्थल केदारताल की झील बर्फ से जमी हुई है। केदारताल ट्रैक से लौटे गंगोत्री रेंज के रेंज अधिकारी यशवंत चौहान ने बताया कि समुद्रतल से करीब 15580 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारताल की झील अभी तक बर्फ से पूरी तरह जमी हुई है।
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वहां पर केदारगंगा नदी का उद्गम स्थल केदारताल की झील बर्फ से जमी हुई है। केदारताल ट्रैक से लौटे गंगोत्री रेंज के रेंज अधिकारी यशवंत चौहान ने बताया कि समुद्रतल से करीब 15580 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारताल की झील अभी तक बर्फ से पूरी तरह जमी हुई है।
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दिन में वहां पर चटख धूप देखने को मिल रही है। लेकिन रात में माइनस में तापमान जा रहा है। करीब एक किमी क्षेत्र में फैली यह झील थलयसागर और मृगुपंथ चोटी की तलहटी में स्थित है। यह गंगोत्री धाम में बहने वाली गंगा की सहायक नदी केदारगंगा का उद्गम स्थल है।
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रोजाना 20 से 30 पर्वतारोही ट्रैकिंग कर केदारताल पहुंच रहे
उन्होंने बताया कि गंगोत्री से केदारताल तक करीब 18 किमी लंबा ट्रैक जैव विविधताओं का खजाना है। वहां पर सबसे अधिक भरल देखे जा रहे हैं। इन दिनों पर वहां पर प्रतिदिन 20 से 30 पर्वतारोही ट्रैकिंग कर केदारताल पहुंच रहे हैं। इससे जनपद के ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े युवाओं को अच्छा लाभ मिल रहा है। हालांकि कुछ स्थानों पर बर्फबारी से मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि गंगोत्री से केदारताल तक करीब 18 किमी लंबा ट्रैक जैव विविधताओं का खजाना है। वहां पर सबसे अधिक भरल देखे जा रहे हैं। इन दिनों पर वहां पर प्रतिदिन 20 से 30 पर्वतारोही ट्रैकिंग कर केदारताल पहुंच रहे हैं। इससे जनपद के ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े युवाओं को अच्छा लाभ मिल रहा है। हालांकि कुछ स्थानों पर बर्फबारी से मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है।