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एक अधिकारी के पास चार-चार विभाग कैसे होगा विकास
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सीमांत जनपद में जिलास्तरीय अधिकारियों का टोटा बना हुआ है। स्थिति यह है कि एक ही अधिकारी के पास चार-चार विभागों की जिम्मेदारी है। जिससे विभागीय कार्यों पर भी प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में शासन को अवगत कराया गया है।
सीमांत जनपद उत्तरकाशी में अधिकांश विभाग प्रभारियों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। विभागों में कर्मचारियों के साथ ही अधिकारियों का भी भारी कमी बनी हुई है। जनपद में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का जिम्मेदार विकास भवन अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। इसके अलावा जनपद के कई अन्य महत्वपूर्ण विभाग भी बिना अधिकारियों के संचालित हो रहे हैं, जिससे जनपद की प्रशासनिक व विकास की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि परियोजना निदेशक को तीन अधिकारियों का दायित्व दिया गया है, जिसमें एपीडी, डीडीओ व परियोजना निदेशक स्वजल का दायित्व शामिल है।
जनपद में नहीं हैं ये अधिकारी
जनपद में जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल अधिकारी, डीपीआरओ, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी (एपीडी) परियोजना प्रबंधक स्वजल तैनात नहीं हैं। इनके स्थान पर प्रभारी अधिकारी तैनात किए गए हैं।
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डीडीओ किए गए हैं निलंबित
जनपद के डीडीओ विमल कुमार को शासन ने निलंबित किया है। उनके खिलाफ मनरेगा की एक महिला अवर अभियंता ने छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। डीडीओ के न्यायिक हिरासत में होने के कारण बीते छह सितंबर को शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने पत्र जारी किया है, जो मुख्य विकास अधिकारी को प्राप्त हो चुका है।
- एक ही अधिकारी को तीन अन्य अधिकारियों का दायित्व दिया गया है। अधिकारियों की कमी है। इस संबंध में शासन को भी सूचित किया गया है।
-गौरव कुमार, सीडीओ उत्तरकाशी।
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सीमांत जनपद उत्तरकाशी में अधिकांश विभाग प्रभारियों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। विभागों में कर्मचारियों के साथ ही अधिकारियों का भी भारी कमी बनी हुई है। जनपद में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का जिम्मेदार विकास भवन अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। इसके अलावा जनपद के कई अन्य महत्वपूर्ण विभाग भी बिना अधिकारियों के संचालित हो रहे हैं, जिससे जनपद की प्रशासनिक व विकास की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि परियोजना निदेशक को तीन अधिकारियों का दायित्व दिया गया है, जिसमें एपीडी, डीडीओ व परियोजना निदेशक स्वजल का दायित्व शामिल है।
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जनपद में नहीं हैं ये अधिकारी
जनपद में जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल अधिकारी, डीपीआरओ, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी (एपीडी) परियोजना प्रबंधक स्वजल तैनात नहीं हैं। इनके स्थान पर प्रभारी अधिकारी तैनात किए गए हैं।
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डीडीओ किए गए हैं निलंबित
जनपद के डीडीओ विमल कुमार को शासन ने निलंबित किया है। उनके खिलाफ मनरेगा की एक महिला अवर अभियंता ने छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। डीडीओ के न्यायिक हिरासत में होने के कारण बीते छह सितंबर को शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने पत्र जारी किया है, जो मुख्य विकास अधिकारी को प्राप्त हो चुका है।
- एक ही अधिकारी को तीन अन्य अधिकारियों का दायित्व दिया गया है। अधिकारियों की कमी है। इस संबंध में शासन को भी सूचित किया गया है।
-गौरव कुमार, सीडीओ उत्तरकाशी।