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पगडंडियां टूटने से स्कूल जाना हुआ मुश्किल
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Thu, 25 Aug 2016 09:31 PM IST
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टूटी सड़क
- फोटो : demo pic
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सड़क नहीं अब गांव की पगडंडी भी भूस्खलन की चपेट में आने से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा है। रास्ते खराब होने से सांगल, तिहार, कुज्जन, सिल्ला गांव के कुछ ही अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।
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शिक्षा विभाग जिले में बरसात के दौरान 15 फीसदी कम उपस्थिति का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन भटवाड़ी क्षेत्र में अनुपस्थिति का आंकड़ा ज्यादा बताया जा रहा है।
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सांलग गांव से भटवाड़ी तक बालक व बालिका इंटर कालेज छह किमी पैदल दूरी पर है। रास्ते कई जगह भूस्खलन से पटे हैं। गांव से 50 से ज्यादा बच्चे भटवाड़ी पढ़ने आते है। हुर्री गांव से कुछ पैदल तथा कुछ गंगोत्री हाईवे से 18 बच्चे तीन किमी सुनगर जुनियर हाईस्कूल में पढ़ते हैं। गांव के तबाह रास्ते और गर्मकुंड, गंगनाणी व भूस्खलन जोन में पत्थर गिरने से आए दिन चोटिल हो रहे हैं।
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यही स्थिति भुक्की, सुनगर, कुंज्जन, तिहार से संगलाई हाईस्कूल में गांव से आने वाले बच्चों की है। सांलग के प्रधान बछेंद्र सिंह कुज्जन की सीता देवी, रघुवीर सिंह, हुर्री की राखी, सिल्ला के सूरत सिंह राणा, विजय सिंह आदि का कहना है कि उन्होंने श्रमदान कर कहीं टूटे रास्तों पर तख्ते डालकर, तो कहीं मलबा साफ कर रास्ता बनाया, लेकिन बरसात में बच्चो को जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरना पड़ता है।
गांव के पैदल रास्तों को ठीक करने के प्रस्ताव आ गए हैं। इन्हें जांच के बाद प्राथमिकता वार संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है।
देवेंद्र पटवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी।
जिले के विद्यालयों में बरसात में करीब 15 फीसदी अनुपस्थिति दर्ज की गई, भटवाड़ी क्षेत्र के कुछ गांवों में वहां की स्थिति देखकर अनुपस्थिति कुछ ज्यादा हो सकती है।
लीलाधर व्यास, मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी।