{"_id":"618fc59f81826851c65086ec","slug":"gartang-street-will-be-closed-for-tourists-on-november-30-utter-kashi-news-drn395958856","type":"story","status":"publish","title_hn":"30 नवंबर को पर्यटकों के लिए बंद हो जाएगी गरतांग गली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
30 नवंबर को पर्यटकों के लिए बंद हो जाएगी गरतांग गली
विज्ञापन
गरतांग गली का नजारा।
- फोटो : UTTER KASHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरतांग गली गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट के साथ ही 30 नवंबर को पर्यटकों के लिए बंद हो जाएगी। सर्दियों में पाला गिरने और बर्फबारी को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा की दृष्टि से इसे बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि पार्क प्रशासन ने गरतांग गली को खुला रखने के लिए शासन-प्रशासन से दिशा-निर्देश मांगे थे।
भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक रिश्तों की गवाह रही करीब 150 साल पुरानी गरतांग गली को नए रूप में तैयार कर इसी साल 18 अगस्त को पर्यटकों के लिए खोला गया था। नेलांग घाटी में खड़ी चट्टान को काटकर तैयार सीढ़ीनुमा यह गली (रास्ता) खुलते ही पर्यटकों के आकर्षण केंद्र बनी हुई है। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल में प्रति वर्ष 30 नवंबर को पर्यटकों के लिए बंद होते हैं जो एक अप्रैल को खुलते हैं। गरतांग गली के पार्क क्षेत्र में होने के चलते इसके खुला रहने या बंद होने को लेकर संशय बना हुआ था। पार्क प्रशासन ने इस पर जिला प्रशासन और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन) से दिशा-निर्देश मांगे थे। इस अब स्थिति साफ हो गई। गरतांग गली तक पहुंचने के लिए दो किमी के पैदल ट्रैक से होकर जाना पड़ता है। इस ट्रैक पर सर्दियों में पाले और बर्फबारी के प्रकोप के चलते यह पर्यटकों के लिए जोखिमभरा हो सकता है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए जिला प्रशासन और चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने पार्क के गेट के साथ ही गरतांग गली को पर्यटकों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
कोट:
- गरतांग गली पार्क क्षेत्र का ही हिस्सा है। इसे खुला रखने का निवेदन किया गया था लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पार्क के गेट के साथ ही इसे बंद करने के निर्देश मिल गए हैं।
विज्ञापन
-आरएन पांडेय, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क।
विज्ञापन
भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक रिश्तों की गवाह रही करीब 150 साल पुरानी गरतांग गली को नए रूप में तैयार कर इसी साल 18 अगस्त को पर्यटकों के लिए खोला गया था। नेलांग घाटी में खड़ी चट्टान को काटकर तैयार सीढ़ीनुमा यह गली (रास्ता) खुलते ही पर्यटकों के आकर्षण केंद्र बनी हुई है। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल में प्रति वर्ष 30 नवंबर को पर्यटकों के लिए बंद होते हैं जो एक अप्रैल को खुलते हैं। गरतांग गली के पार्क क्षेत्र में होने के चलते इसके खुला रहने या बंद होने को लेकर संशय बना हुआ था। पार्क प्रशासन ने इस पर जिला प्रशासन और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन) से दिशा-निर्देश मांगे थे। इस अब स्थिति साफ हो गई। गरतांग गली तक पहुंचने के लिए दो किमी के पैदल ट्रैक से होकर जाना पड़ता है। इस ट्रैक पर सर्दियों में पाले और बर्फबारी के प्रकोप के चलते यह पर्यटकों के लिए जोखिमभरा हो सकता है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए जिला प्रशासन और चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने पार्क के गेट के साथ ही गरतांग गली को पर्यटकों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
कोट:
- गरतांग गली पार्क क्षेत्र का ही हिस्सा है। इसे खुला रखने का निवेदन किया गया था लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पार्क के गेट के साथ ही इसे बंद करने के निर्देश मिल गए हैं।
विज्ञापन
-आरएन पांडेय, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क।