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ईको सेंसटिव जोन में कूड़ेदान में ही जलाया जा रहा कूड़ा

Fri, 20 May 2022 10:00 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 10:00 PM IST
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Garbage being burnt in the dustbin in the eco-sensitive zone
गंगोत्री से उत्तरकाशी तक घोषित ईको सेंसटिव जोन में एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के आदेेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। रोक के बावजूद यहां कूड़ादानों में ही कूड़े को जलाया जा रहा है।
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गंगोत्री से उत्तरकाशी तक 100 किमी का क्षेत्र पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यही वजह है कि इसे इको सेंसटिव जोन यानी पर्यावरण संवेदी क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में रोजाना कूड़े को खुले में जलाया जा रहा है। शुक्रवार को हाईवे पर नेताला में भी एक कूड़ेदान में ही कूड़े को जलाया जा रहा था। इससे यात्रा के दौरान कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एसडीएम भटवाड़ी सीएस चौहान ने बताया कि उक्त क्षेत्र में जिला पंचायत के अंतर्गत आता है। इस संबध में जिला पंचायत को निर्देशित किया जाएगा।
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5 से 25 हजार तक है जुर्माने का प्रावधान
एनजीटी ने वर्ष 2016 में खुले में कूड़ा जलाने पर रोक लगाई थी। साथ ही सभी राज्यों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसमें साधारण तौर पर कूड़ा जलाने पर 5 हजार और बड़े पैमाने पर ऐसा करने पर 25 हजार रुपये तक का पर्यावरण मुआवजा वसूलने का प्रावधान है।
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