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गंगोत्री धाम : सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
Sun, 10 May 2026 07:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 10 May 2026 07:47 PM IST
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कई स्थानों पर अधूरा छोड़ा गया है कार्य तो कहीं पर मानकों के विपरीत बनाई गई है दीवार
कार्यों की निगरानी नहीं होने का लगाया है आरोप
उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी के किनारे सिंचाई विभाग की ओर से किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि एक वर्ष बाद भी धाम में सुरक्षात्मक कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। साथ ही कई स्थानों पर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया तो कहीं पर मानकों के विपरीत सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों की किसी भी स्तर पर निगरानी नहीं हो रही है।
सिंचाई विभाग की ओर से करीब एक वर्ष पूर्व गंगोत्री धाम में स्नान घाटों से ऊपर व बड़े पत्थर के समीप दोनों ओर करोड़ोें की लागत से सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए गए थे लेकिन धीमी कार्यगति होने के कारण वह अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं। घाटों से ऊपर किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों के नाम पर नदी को चैनालाइज करने के साथ ही बीच में मलबा और बोल्डर एकत्रित किया गया है।
यह आगामी बरसात में गंगोत्री धाम और मुख्य स्नान घाटों के लिए बड़ी आपदा का रूप ले सकती है। साथ ही बड़े पत्थर के समीप दोनों ओर करीब चार करोड़ की लागत से सुरक्षात्मक कार्य किए गए जा रहे हैं। इसमें बड़े पत्थर के समीप बन रही दीवार को मानकोें के विपरीत बड़े पत्थरों को डालकर उस पर लीपापोती की जा रही है।
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दूसरी ओर आधी दीवार लगाकर कार्य को बंद कर दिया गया है। स्थानीय निवासी गायत्री सेमवाल का कहना है कि आधे में लगी दीवार के कारण उनके भवन को बड़ा खतरा हो गया है। बरसात में इनके बहने का खतरा बना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन स्तर पर इन कार्यों की किसी प्रकार की निगरानी नहीं की जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि गंगोत्री धाम में सुरक्षात्मक कार्य जल्द ही पूरे कर दिए जाएंगे।
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कार्यों की निगरानी नहीं होने का लगाया है आरोप
उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी के किनारे सिंचाई विभाग की ओर से किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि एक वर्ष बाद भी धाम में सुरक्षात्मक कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। साथ ही कई स्थानों पर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया तो कहीं पर मानकों के विपरीत सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों की किसी भी स्तर पर निगरानी नहीं हो रही है।
सिंचाई विभाग की ओर से करीब एक वर्ष पूर्व गंगोत्री धाम में स्नान घाटों से ऊपर व बड़े पत्थर के समीप दोनों ओर करोड़ोें की लागत से सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए गए थे लेकिन धीमी कार्यगति होने के कारण वह अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं। घाटों से ऊपर किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों के नाम पर नदी को चैनालाइज करने के साथ ही बीच में मलबा और बोल्डर एकत्रित किया गया है।
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यह आगामी बरसात में गंगोत्री धाम और मुख्य स्नान घाटों के लिए बड़ी आपदा का रूप ले सकती है। साथ ही बड़े पत्थर के समीप दोनों ओर करीब चार करोड़ की लागत से सुरक्षात्मक कार्य किए गए जा रहे हैं। इसमें बड़े पत्थर के समीप बन रही दीवार को मानकोें के विपरीत बड़े पत्थरों को डालकर उस पर लीपापोती की जा रही है।
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दूसरी ओर आधी दीवार लगाकर कार्य को बंद कर दिया गया है। स्थानीय निवासी गायत्री सेमवाल का कहना है कि आधे में लगी दीवार के कारण उनके भवन को बड़ा खतरा हो गया है। बरसात में इनके बहने का खतरा बना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन स्तर पर इन कार्यों की किसी प्रकार की निगरानी नहीं की जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि गंगोत्री धाम में सुरक्षात्मक कार्य जल्द ही पूरे कर दिए जाएंगे।