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Uttarkashi News: कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारियों का फूटा गुस्सा
Mon, 12 Oct 2026 06:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 12 Oct 2026 06:43 PM IST
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17 अक्तूबर को कार्य बहिष्कार की चेतावनी, कलेक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन करने की मांग
उत्तरकाशी। लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को जिलाध्यक्ष करन भंडारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य किया। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर 17 अक्तूबर को कलेक्ट्रेट मुख्यालय में धरना देकर पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
संघ के जिलाध्यक्ष करन भंडारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन वर्ष 2005 से लंबित है। संघ कलेक्ट्रेट को विशेष कार्यालय या विभाग का दर्जा देने के साथ विभिन्न पदों की शैक्षिक योग्यता और वेतनमान में संशोधन की मांग कर रहा है। वहीं, कनिष्ठ सहायक की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक करने और ग्रेड पे 2000 से 2800 करने की मांग भी शामिल है।
इसके अलावा वरिष्ठ सहायक का ग्रेड पे 2800 से 4200, प्रधान सहायक का 4200 से 4600, प्रशासनिक अधिकारी का 4600 से 4800, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का 4800 से 5400 और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का 5400 से 6600 करने की मांग उठाई गई है। संघ ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने और नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी की है।
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उन्होंने बताया कि 12 से 14 अक्तूबर तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 17 अक्तूबर को धरना देकर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर मनोज प्रकाश, राकेश सिंह चौहान, गिरजाशंकर नौटियाल, राजेश, कुलदीप सिंह राणा, उत्तम सिंह, शुभम राणा और शंकर रतूड़ी आदि मौजूद रहे।
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उत्तरकाशी। लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को जिलाध्यक्ष करन भंडारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य किया। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर 17 अक्तूबर को कलेक्ट्रेट मुख्यालय में धरना देकर पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
संघ के जिलाध्यक्ष करन भंडारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन वर्ष 2005 से लंबित है। संघ कलेक्ट्रेट को विशेष कार्यालय या विभाग का दर्जा देने के साथ विभिन्न पदों की शैक्षिक योग्यता और वेतनमान में संशोधन की मांग कर रहा है। वहीं, कनिष्ठ सहायक की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक करने और ग्रेड पे 2000 से 2800 करने की मांग भी शामिल है।
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इसके अलावा वरिष्ठ सहायक का ग्रेड पे 2800 से 4200, प्रधान सहायक का 4200 से 4600, प्रशासनिक अधिकारी का 4600 से 4800, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का 4800 से 5400 और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का 5400 से 6600 करने की मांग उठाई गई है। संघ ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने और नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी की है।
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उन्होंने बताया कि 12 से 14 अक्तूबर तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 17 अक्तूबर को धरना देकर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर मनोज प्रकाश, राकेश सिंह चौहान, गिरजाशंकर नौटियाल, राजेश, कुलदीप सिंह राणा, उत्तम सिंह, शुभम राणा और शंकर रतूड़ी आदि मौजूद रहे।