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Uttarkashi News: मोरी ब्लॉक के चार गांव डेढ़ सप्ताह से पड़े हैं अलग-थलग
Tue, 08 Jul 2025 05:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 08 Jul 2025 05:02 PM IST
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जून के अंत में अतिवृष्टि से हो गया था जखोल-लिवाड़ी मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त
ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए करनी पड़ रही है 15 से 20 किमी की दूरी तय
उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के दूरस्थ गांव लिवाड़ी, फिताड़ी, कासला और राला गांव के ग्रामीणों का संपर्क इन दिनों देश-दुनिया से कटा हुआ है। लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 15 से 20 की दूरी तय करनी पड़ रही है लेकिन करीब डेढ़ सप्ताह बाद भी जखोल-लिवाड़ी मोटर मार्ग को आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
लिवाड़ी गांव के दिनेश रावत, मुलायम सिंह रावत, नौनियाल सिंह ने बताया कि जून के अंत में हुई अतिवृष्टि के कारण जखोल-लिवाड़ी मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन करीब डेढ़ सप्ताह बीतने के बाद भी सड़क को नहीं खोला गया है। इससे मोरी विकासखंड के दूरस्थ चार गांवों का संपर्क देश-दुनिया से कटा हुआ है। उन्हें वाहनों से आवाजाही करने के लिए जखोल-सुनकुंडी तक करीब 15 से 20 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
वहीं बरसात के कारण यह पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त पड़ है। क्षेत्र के दिनेश ने बताया कि गत वर्ष भी बरसात के दौरान पैदल आवाजाही के लिए ग्रामीणों ने रासला के समीप नदी पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई थी। वह भी अब जर्जर हो चुकी है। वहां भी प्रशासन और वन विभाग की ओर से किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों को उस जर्जर पुलिया पर ही पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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वैपकोस के अधिशासी अभियंता आशीष चौधरी का कहना है कि बैंचा घाटी तक आवाजाही सुचारू है। जखोल के आसपास का हिस्सा लोक निर्माण विभाग के पास है। वहां पर आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। वहीं बेंचा घाटी से आगे कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त है। उसे खोलने के लिए मशीनें लगी हुई है।
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ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए करनी पड़ रही है 15 से 20 किमी की दूरी तय
उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के दूरस्थ गांव लिवाड़ी, फिताड़ी, कासला और राला गांव के ग्रामीणों का संपर्क इन दिनों देश-दुनिया से कटा हुआ है। लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 15 से 20 की दूरी तय करनी पड़ रही है लेकिन करीब डेढ़ सप्ताह बाद भी जखोल-लिवाड़ी मोटर मार्ग को आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
लिवाड़ी गांव के दिनेश रावत, मुलायम सिंह रावत, नौनियाल सिंह ने बताया कि जून के अंत में हुई अतिवृष्टि के कारण जखोल-लिवाड़ी मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन करीब डेढ़ सप्ताह बीतने के बाद भी सड़क को नहीं खोला गया है। इससे मोरी विकासखंड के दूरस्थ चार गांवों का संपर्क देश-दुनिया से कटा हुआ है। उन्हें वाहनों से आवाजाही करने के लिए जखोल-सुनकुंडी तक करीब 15 से 20 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
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वहीं बरसात के कारण यह पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त पड़ है। क्षेत्र के दिनेश ने बताया कि गत वर्ष भी बरसात के दौरान पैदल आवाजाही के लिए ग्रामीणों ने रासला के समीप नदी पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई थी। वह भी अब जर्जर हो चुकी है। वहां भी प्रशासन और वन विभाग की ओर से किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों को उस जर्जर पुलिया पर ही पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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वैपकोस के अधिशासी अभियंता आशीष चौधरी का कहना है कि बैंचा घाटी तक आवाजाही सुचारू है। जखोल के आसपास का हिस्सा लोक निर्माण विभाग के पास है। वहां पर आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। वहीं बेंचा घाटी से आगे कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त है। उसे खोलने के लिए मशीनें लगी हुई है।