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पूर्व विधायक का बेटे चला रहा था फर्जी नंबर की कार
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यूपी के दौर में दो बार विधायक रह चुके विधायक का बेटा फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कार चला रहा था। कार में पूर्व विधायक भी सवार थे। परिवहन परिवहन विभाग ने कार को सीज कर थाने में खड़ा करा दिया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। अभी जुर्माना तय किया जा रहा है।
मामला यूपी के दौर में भाजपा से दो बार विधायक रह चुुके ज्ञानचंद के बेटे नरेश चंद से जुड़ा है। संभागीय सहायक परिवहन अधिकारी प्रर्वतन जितेंद्र चंद ने बताया कि वह इस कार पर करीब 6 माह से नजर रख रहे थे। जितेंद्र ने बताया कि यह कार वर्ष 2017 में खरीदी गई थी, लेकिन इसका पंजीकरण नहीं कराया गया। कई बार यह कार सड़क पर दिखती थी। दिसंबर 2020 में इस कार के पंजीकरण की अंतिम तिथि थी। लेकिन उसके बाद भी कार का पंजीकरण नहीं कराया गया था। दिसंबर 2020 के बाद कार का पंजीकरण नहीं हो सकता था। लेकिन अचानक कुछ माह पहले इस कार में नंबर प्लेट लगी दिखी। नंबर प्लेट की जानकारी जुटाने पर पता चला कि कारण यशोदा देवी के नाम पर पंजीकृत है। जितेंद्र ने बताया कि तब से वह इस कार पर नजर रख रहे थे, लेकिन कार नजर नहीं आ रही थी।
एआरटीओ जितेंद्र ने बताया कि शनिवार को अचानक उन्हें कार बाजार में दिखी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के साथ मिलकर कार को सीज किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक ज्ञान चंद भी कार में मौजूद थे। एआरटीओ जितेंद्र ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। अभी जुर्माना तय किया जा रहा है। नरेश चंद ने परिवहन विभाग के अपना ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिखाया है।
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मामला यूपी के दौर में भाजपा से दो बार विधायक रह चुुके ज्ञानचंद के बेटे नरेश चंद से जुड़ा है। संभागीय सहायक परिवहन अधिकारी प्रर्वतन जितेंद्र चंद ने बताया कि वह इस कार पर करीब 6 माह से नजर रख रहे थे। जितेंद्र ने बताया कि यह कार वर्ष 2017 में खरीदी गई थी, लेकिन इसका पंजीकरण नहीं कराया गया। कई बार यह कार सड़क पर दिखती थी। दिसंबर 2020 में इस कार के पंजीकरण की अंतिम तिथि थी। लेकिन उसके बाद भी कार का पंजीकरण नहीं कराया गया था। दिसंबर 2020 के बाद कार का पंजीकरण नहीं हो सकता था। लेकिन अचानक कुछ माह पहले इस कार में नंबर प्लेट लगी दिखी। नंबर प्लेट की जानकारी जुटाने पर पता चला कि कारण यशोदा देवी के नाम पर पंजीकृत है। जितेंद्र ने बताया कि तब से वह इस कार पर नजर रख रहे थे, लेकिन कार नजर नहीं आ रही थी।
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एआरटीओ जितेंद्र ने बताया कि शनिवार को अचानक उन्हें कार बाजार में दिखी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के साथ मिलकर कार को सीज किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक ज्ञान चंद भी कार में मौजूद थे। एआरटीओ जितेंद्र ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। अभी जुर्माना तय किया जा रहा है। नरेश चंद ने परिवहन विभाग के अपना ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिखाया है।
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