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टपकते टेंट में गुजर-बसर करने को मजबूर अग्निकांड पीड़ित

Mon, 04 May 2020 09:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2020 09:15 PM IST
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Fire victims forced to live in dripping tents
मोरी प्रखंड के मसरी गांव में बीते माह अग्निकांड में घर-बार गंवा चुके परिवारों को अभी तक स्थायी तौर पर रहने की जगह नहीं मिल सकी है। वह बारिश के बीच टपकते टेंट में किसी तरह गुजर कर रहे हैं। सरकार से मदद ही नहीं और लॉकडाउन के चलते कोई स्वयंसेवी संगठन भी इन तक मदद नहीं पहुंचा पा रहा।
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बीती नौ अप्रैल को मोरी प्रखंड के मसरी गांव में हुए भीषण अग्निकांड में 28 परिवारों के घर सामान सहित स्वाहा हो गए थे, जबकि 11 परिवारों के घरों को आंशिक क्षति पहुंची थी।
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प्रशासन की ओर से अहेतुक सहायता के तौर पर हर पीड़ित परिवार को 3800 रुपये तथा सिर छिपाने के लिए एक-एक टेंट उपलब्ध कराया गया था। अब हर रोज बारिश हो रही है। ऐसे में इनके लिए गुजर बसर कर पाना मुश्किल हो रहा है।
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हिमालय आंबेडकर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम डॉ. आशीष चौहान से मिलकर पीड़ित परिवारों को अस्थायी आवास के लिए टीन शीट, घर की जरूरत के बर्तन, बिस्तर, कपड़े, खाद्यान्न आदि उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही स्थायी आवास निर्माण के लिए प्रत्येक परिवार को 5-5 लाख रुपये और फ्रीग्रांट की लकड़ी मुहैया कराने की बात भी रखी। डीएम से मिलने वालों में अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह, महासचिव प्रकाश विद्वान, राकेश केवल शामिल थे। मौके पर गंगोत्री विधायक गोपाल रावत भी मौजूद थे।
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