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विकल्प ढूंढे बगैर रासायनिक खाद पर प्रतिबंध गलत
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 19 Jan 2016 08:17 PM IST
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भटवाड़ी ब्लाक को जैविक ब्लाक घोषित कर रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने पर उपला टकनौर क्षेत्र के सेब उत्पादकों ने रोष जताया है।
उन्होंने इसका विकल्प ढूंढे बगैर बिक्री पर प्रतिबंध का विरोध करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने विकासखंड भटवाड़ी को जैविक ब्लाक घोषित किया है।
शासन से निर्देश प्राप्त होते ही कृषि एवं उद्यान विभाग ने रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों की बिक्री रोक दी है, जिससे उपला टकनौर क्षेत्र के किसान परेशान हैं।
भटवाड़ी के कनिष्ठ उपप्रमुख संजय पंवार, दुर्गेश सिंह, राजेश सिंह, नत्थी सिंह, सोबेंद्र सिंह, शैलेंद्र पंवार, बुद्धि सिंह आदि काश्तकारों का कहना है कि उनकी आजीविका मुख्य रूप से सेब बागवानी पर टिकी है।
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सेब की फसल को रोग एवं कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव जरूरी है। सरकारी विभागों ने अभी तक रासायनिक कीटनाशकों का कोई विकल्प नहीं ढूंढा और मनमाना रवैया अपनाकर इनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिससे किसानों की सेब की फसल चौपट होने का खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर इसका विरोध किया और विकल्प ढूंढे बगैर रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबंध वापस लेने की मांग की है।
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उन्होंने इसका विकल्प ढूंढे बगैर बिक्री पर प्रतिबंध का विरोध करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने विकासखंड भटवाड़ी को जैविक ब्लाक घोषित किया है।
शासन से निर्देश प्राप्त होते ही कृषि एवं उद्यान विभाग ने रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों की बिक्री रोक दी है, जिससे उपला टकनौर क्षेत्र के किसान परेशान हैं।
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भटवाड़ी के कनिष्ठ उपप्रमुख संजय पंवार, दुर्गेश सिंह, राजेश सिंह, नत्थी सिंह, सोबेंद्र सिंह, शैलेंद्र पंवार, बुद्धि सिंह आदि काश्तकारों का कहना है कि उनकी आजीविका मुख्य रूप से सेब बागवानी पर टिकी है।
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सेब की फसल को रोग एवं कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव जरूरी है। सरकारी विभागों ने अभी तक रासायनिक कीटनाशकों का कोई विकल्प नहीं ढूंढा और मनमाना रवैया अपनाकर इनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिससे किसानों की सेब की फसल चौपट होने का खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर इसका विरोध किया और विकल्प ढूंढे बगैर रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबंध वापस लेने की मांग की है।