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घाट बदहाल, मकर संक्रांति का स्नान हुआ मुश्किल
Updated Thu, 07 Jan 2016 10:29 PM IST
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मकर संक्रांति 14 जनवरी पर देव डोलियों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को नगर के बदहाल पड़े स्नान घाटों पर डुबकी लगाना आसान नहीं है।
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बाढ़ से बदहाल पड़े स्नान घाटों को दुरुस्त नहीं किए जाने से घाटों की स्थिति ऐसी है कि स्नान करते समय थोड़ी सी चूक श्रद्धालुओं को चोटिल कर परेशानी में डाल सकती है।
पौराणिक माघ मेला एवं मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आने पर भी प्रशासन की ओर से अभी तक न घाटों को दुरुस्त करने का काम किया गया और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
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नगर क्षेत्र के मणिकर्णिका, जड़भरत, केदार, मंगल, गंगोरी, लक्षेश्वर, बड़ेथी सहित कई स्नान घाट हैं। मकर संक्रांति के पर्व पर इन घाटों पर जिले के दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी-देवताओं की डोली को साथ लेकर स्नान के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं को नगर के स्नान घाटों पर स्नान करना आसान नहीं होगा।
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बाढ़ से तबाह हुए इन घाटों का पुनर्निर्माण तो दूर यहां सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं किए गए हैं। बदहाल पड़े घाटों से भागीरथी के पानी का डायवर्जन किए जाने से श्रद्धालुओं को क्षतिग्रस्त रास्तों से जानजोखिम में डलाकर नदी के बीचों-बीच नदी के प्रवाह तक स्नान करने कठिनाइयों के साथ जाना पड़ेगा।
कोट...
मकर संक्रांति पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी स्नान घाट बनाने के साथ ही लाइटिंग व्यवस्था एवं चेेजिंग रूप बनाए जा रहे। साथ ही घाटों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभाग को मकर संक्रांति तक दुरुस्त करने निर्देश दिए गए हैं।
राजकुमार पांडेय, एसडीएम भटवाड़ी।