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Uttarkashi News: स्यानाचट्टी में फिर सताने लगा जलभराव का डर
Thu, 18 Jun 2026 07:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 18 Jun 2026 07:15 PM IST
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मानसून को देखते हुए लोगों की बढ़ने लगी चिंता
यमुना नदी और कुपड़ा खड्ड के संगम स्थल पर जल निकासी की नहीं हुए प्रभावी इंतजाम
बड़कोट। जून 2025 की आपदा की भयावह यादें अभी भी स्यानाचट्टी और आसपास के ग्रामीणों के जेहन में ताजा हैं। आगामी मानसून को देखते हुए एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्याना चट्टी क्षेत्र में यमुना नदी और कुपड़ा खड्ड के संगम स्थल पर जल निकासी के प्रभावी इंतजाम अब तक नहीं हो पाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा के बाद नदी में जमा भारी मात्रा में मलबा आज भी पूरी तरह नहीं हटाया गया है जिससे यमुना नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है और जलभराव की आशंका लगातार बनी हुई है। आपदा प्रभावित जयपाल सिंह रावत, बलदेव सिंह, चित्रमोहन सिंह और शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष आई आपदा में स्याना चट्टी सहित आसपास के तीन गांवों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
यमुनोत्री हाईवे पर बना मोटर पुल तक जलमग्न हो गया था लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं किए गए हैं। आरोप है कि मलबा हटाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और संबंधित एजेंसी नदी की सफाई के बजाय इधर-उधर मलबा स्थानांतरित करने तक सीमित दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुपड़ा खड्ड के मुहाने पर पहले की तरह यमुना नदी की निर्बाध निकासी नहीं हो पा रही है जिससे पानी का दबाव बढ़ने और जलभराव जैसी स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से समय रहते प्रभावी कार्रवाई की मांग की। कहा कि यमुना नदी में जमा मलबे को तत्काल हटाने के साथ ही कुपड़ा खड्ड और यमुना नदी के मुहाने को चौड़ा एवं गहरा किया जाए।
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यमुना नदी और कुपड़ा खड्ड के संगम स्थल पर जल निकासी की नहीं हुए प्रभावी इंतजाम
बड़कोट। जून 2025 की आपदा की भयावह यादें अभी भी स्यानाचट्टी और आसपास के ग्रामीणों के जेहन में ताजा हैं। आगामी मानसून को देखते हुए एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्याना चट्टी क्षेत्र में यमुना नदी और कुपड़ा खड्ड के संगम स्थल पर जल निकासी के प्रभावी इंतजाम अब तक नहीं हो पाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा के बाद नदी में जमा भारी मात्रा में मलबा आज भी पूरी तरह नहीं हटाया गया है जिससे यमुना नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है और जलभराव की आशंका लगातार बनी हुई है। आपदा प्रभावित जयपाल सिंह रावत, बलदेव सिंह, चित्रमोहन सिंह और शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष आई आपदा में स्याना चट्टी सहित आसपास के तीन गांवों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
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यमुनोत्री हाईवे पर बना मोटर पुल तक जलमग्न हो गया था लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं किए गए हैं। आरोप है कि मलबा हटाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और संबंधित एजेंसी नदी की सफाई के बजाय इधर-उधर मलबा स्थानांतरित करने तक सीमित दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुपड़ा खड्ड के मुहाने पर पहले की तरह यमुना नदी की निर्बाध निकासी नहीं हो पा रही है जिससे पानी का दबाव बढ़ने और जलभराव जैसी स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से समय रहते प्रभावी कार्रवाई की मांग की। कहा कि यमुना नदी में जमा मलबे को तत्काल हटाने के साथ ही कुपड़ा खड्ड और यमुना नदी के मुहाने को चौड़ा एवं गहरा किया जाए।
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