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Uttarkashi News: गंगोत्री धाम में डेढ़ साल बाद भी शुरू नहीं हुआ कूड़ा निस्तारण प्लांट
Sun, 11 Aug 2024 06:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 11 Aug 2024 06:30 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में डेढ़ साल बाद भी करोड़ों की लागत से तैयार हाईटेक कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरू नहीं हो पाया है। अत्याधुनिक ब्लैक होल मशीन से लैस प्लांट का संचालन पिछले साल यात्रा काल से पूर्व शुरू होना था, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एनओसी नहीं मिलने के चलते यह चालू नहीं हो पाया है।
केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रसाद (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्द्धन अभियान) योजना के तहत गंगोत्री के अखरोट खादर में करीब 2.25 करोड़ की लागत से ब्लैक होल मशीन से लैस कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित किया गया है। प्लांट पिछले साल चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व बनकर तैयार हो गया था, जिसका सफल ट्रायल भी किया गया। फिर इको सेंसटिव जोन में होने के चलते उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी को जरूरी बताया गया। इससे यह शुरू नहीं हो पाया है, जबकि प्लांट शुरू होने के इंतजार में गंगोत्री नगर पंचायत ने करीब 10 बोेरे कूड़ा भी एकत्रित करके रखा था।
इधर, जिलाधिकारी डाॅ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि जानकीचट्टी में प्लांट का संचालन शुरू कर दिया गया है। यात्रा के सितंबर से शुरू होने वाले दूसरे चरण में प्लांट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिसके आदेश दे दिए गए हैं।
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कचरे को राख में बदलने में है सक्षम
ब्लैक होल मशीन से लैस यह प्लांट प्लाज्मा ताप अपघटन तकनीक का उपयोग कर कचरे को राख में बदलने में सक्षम है। इसमें लगी ब्लैक होल मशीन कचरे को राख में बदलने की प्रक्रिया में निकलने वाली हानिकारक गैसों को भी उपचारित करती है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण का भी खतरा नहीं रहता। मशीन प्रतिदिन एक टन तक बिना छांटे कूड़े का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण करने में सक्षम है।
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केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रसाद (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्द्धन अभियान) योजना के तहत गंगोत्री के अखरोट खादर में करीब 2.25 करोड़ की लागत से ब्लैक होल मशीन से लैस कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित किया गया है। प्लांट पिछले साल चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व बनकर तैयार हो गया था, जिसका सफल ट्रायल भी किया गया। फिर इको सेंसटिव जोन में होने के चलते उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी को जरूरी बताया गया। इससे यह शुरू नहीं हो पाया है, जबकि प्लांट शुरू होने के इंतजार में गंगोत्री नगर पंचायत ने करीब 10 बोेरे कूड़ा भी एकत्रित करके रखा था।
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इधर, जिलाधिकारी डाॅ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि जानकीचट्टी में प्लांट का संचालन शुरू कर दिया गया है। यात्रा के सितंबर से शुरू होने वाले दूसरे चरण में प्लांट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिसके आदेश दे दिए गए हैं।
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कचरे को राख में बदलने में है सक्षम
ब्लैक होल मशीन से लैस यह प्लांट प्लाज्मा ताप अपघटन तकनीक का उपयोग कर कचरे को राख में बदलने में सक्षम है। इसमें लगी ब्लैक होल मशीन कचरे को राख में बदलने की प्रक्रिया में निकलने वाली हानिकारक गैसों को भी उपचारित करती है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण का भी खतरा नहीं रहता। मशीन प्रतिदिन एक टन तक बिना छांटे कूड़े का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण करने में सक्षम है।