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विस्थापन प्रक्रिया में अपनाया जा रहा है भेदभाव
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आपदा प्रभावित कंकराड़ी के ग्रामीणों ने विस्थापन प्रक्रिया में पारदर्शिता न बरते जाने का आरोप प्रशासन पर लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से 11 परिवारों का विस्थापन किया जाना था, लेकिन मात्र तीन ही परिवारों का विस्थापन किया गया है। जबकि वह इस संबंध में सीएम व प्रभारी मंत्री से लेकर प्रशासन तक गुहार लगा चुके हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि सर्वे के आधार पर विस्थापन किया जा रहा है। जो ग्रामीण छूट गए हैं, उन्हें भी सर्वे में शामिल कर विस्थापित किया जाएगा।
बीते 18 जुलाई को उत्तरकाशी जनपद के कंकराड़ी व मांडो गांव में आपदा से सब कुछ बर्बाद हो गया था। ग्रामीण मदन सिंह, मुरारी सिंह व प्रहलाद सिंह ने बताया कि गांव से 11 परिवारों को विस्थापित किया जाना था, लेकिन मात्र तीन परिवारों को विस्थापित किया गया है। स्थिति यह है कि एक ही आवासीय भवन में रहने वाले चार परिवारों में से एक को ही विस्थापित किया गया है। अन्य तीन परिवारों को छोड़ दिया गया है। ग्रामीण अवतार सिंह ने बताया कि वे सीएम, प्रभारी मंत्री से लेकर प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
कंकराड़ी गांव के चार परिवार आपदा के पांच माह बाद भी जीआईसी मुस्टिकसौड़ में रह रहे हैं। ग्रामीण रामपाल सिंह ने बताया कि चार परिवारों को जीआईसी मुस्टिक सौड़ के भवन में एक-एक कमरा दिया गया है। जहां पानी की समस्या बनी हुई।
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- विस्थापन सर्वे के आधार पर किया गया है। अभी सर्वे टीम अन्य गांव में सर्वे कर रही है, जो ग्रामीण छूट गए हैं। उन्हें भी सर्वे में शामिल कर विस्थापित किया जाएगा। -तीर्थपाल सिंह, एडीएम उत्तरकाशी।
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बीते 18 जुलाई को उत्तरकाशी जनपद के कंकराड़ी व मांडो गांव में आपदा से सब कुछ बर्बाद हो गया था। ग्रामीण मदन सिंह, मुरारी सिंह व प्रहलाद सिंह ने बताया कि गांव से 11 परिवारों को विस्थापित किया जाना था, लेकिन मात्र तीन परिवारों को विस्थापित किया गया है। स्थिति यह है कि एक ही आवासीय भवन में रहने वाले चार परिवारों में से एक को ही विस्थापित किया गया है। अन्य तीन परिवारों को छोड़ दिया गया है। ग्रामीण अवतार सिंह ने बताया कि वे सीएम, प्रभारी मंत्री से लेकर प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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कंकराड़ी गांव के चार परिवार आपदा के पांच माह बाद भी जीआईसी मुस्टिकसौड़ में रह रहे हैं। ग्रामीण रामपाल सिंह ने बताया कि चार परिवारों को जीआईसी मुस्टिक सौड़ के भवन में एक-एक कमरा दिया गया है। जहां पानी की समस्या बनी हुई।
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- विस्थापन सर्वे के आधार पर किया गया है। अभी सर्वे टीम अन्य गांव में सर्वे कर रही है, जो ग्रामीण छूट गए हैं। उन्हें भी सर्वे में शामिल कर विस्थापित किया जाएगा। -तीर्थपाल सिंह, एडीएम उत्तरकाशी।