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पहाड़ पर तेजी से चढ़ रहा डेंगू
अमर उजाला ब्यूरो/ उत्तरकाशी।
Updated Thu, 27 Oct 2016 09:43 PM IST
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Dengue
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नगर पंचायत के पीपलमंडी वार्ड में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। यहां डेंगू बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या तीन दर्जन से अधिक पहुंच गई है, लेकिन पीड़ितों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों में शासन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
एक महीने बाद भी नगर पंचायत चिन्यालीसौड़ के पीपलमंडी वार्ड में डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए शासन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्वास्थ्य महकमा इस कदर आंख बंद करके बैठा है कि सरकारी अस्पताल में डेंगू बुखार की प्राथमिक जांच की व्यवस्था तक नहीं की गई है।
पीपलमंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अध्यक्ष अमित सकलानी ने बताया कि वह स्वयं डेंगू बुखार से पीड़ित हैं। साथ ही पीपलमंडी वार्ड में डेंगू बुखार से पीड़ितों की संख्या तीन दर्जन से पार हो गई है, लेकिन शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को लोगों की कोई चिंता नहीं है। लोग अपने निजी खर्च कर देहरादून इलाज कराने जा रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल में डेंगू बुखार की प्राथमिक जांच तक नहीं हो पा रही है। एक प्राइवेट पैथोलॉजी में लोग जांच कराते थे, लेकिन पैथोलॉजी संचालक भी डेंगू बुखार की चपेट में आ गया है। लोगों में डेंगू बुखार से भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन की ओर से यहां मच्छर मारने तक के लिए फागिंग और कीटनाशक का छिड़काव तक नहीं किया जा रहा है। सीएचसी प्रभारी डा. जितेंद्र भंडारी ने बताया कि बुखार से पीड़ित लोगों का इलाज किया जा रहा है।
साफ-सफाई और दवाओं के छिड़काव के लिए नगर पंचायत को पत्र लिखा गया है, वहीं जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएस रावत का कहना है कि उत्तरकाशी जिला चिकित्सालय में बकायदा लैब है, जहां डेंगू से पीड़ित लोगों का टेस्ट हो सकता है, जिसको भी इस प्रकार की शिकायत है, वह यहां आ सकता है।
प्रारंभिक टेस्ट करने के बाद हम सैंपल को देहरादून-जौलीग्रांट हास्पिटल भेजते हैं। जहां से सैंपल की रिपोर्ट आती है। इसके आधार पर ही डेंगू के होने और न होने की पुष्टि होती है। लोग प्राइवेट पैथोलॉजी के बजाए सरकारी हॉस्पिटल में अपनी जांच करवाएं।
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एक महीने बाद भी नगर पंचायत चिन्यालीसौड़ के पीपलमंडी वार्ड में डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए शासन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्वास्थ्य महकमा इस कदर आंख बंद करके बैठा है कि सरकारी अस्पताल में डेंगू बुखार की प्राथमिक जांच की व्यवस्था तक नहीं की गई है।
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पीपलमंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अध्यक्ष अमित सकलानी ने बताया कि वह स्वयं डेंगू बुखार से पीड़ित हैं। साथ ही पीपलमंडी वार्ड में डेंगू बुखार से पीड़ितों की संख्या तीन दर्जन से पार हो गई है, लेकिन शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को लोगों की कोई चिंता नहीं है। लोग अपने निजी खर्च कर देहरादून इलाज कराने जा रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल में डेंगू बुखार की प्राथमिक जांच तक नहीं हो पा रही है। एक प्राइवेट पैथोलॉजी में लोग जांच कराते थे, लेकिन पैथोलॉजी संचालक भी डेंगू बुखार की चपेट में आ गया है। लोगों में डेंगू बुखार से भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन की ओर से यहां मच्छर मारने तक के लिए फागिंग और कीटनाशक का छिड़काव तक नहीं किया जा रहा है। सीएचसी प्रभारी डा. जितेंद्र भंडारी ने बताया कि बुखार से पीड़ित लोगों का इलाज किया जा रहा है।
साफ-सफाई और दवाओं के छिड़काव के लिए नगर पंचायत को पत्र लिखा गया है, वहीं जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएस रावत का कहना है कि उत्तरकाशी जिला चिकित्सालय में बकायदा लैब है, जहां डेंगू से पीड़ित लोगों का टेस्ट हो सकता है, जिसको भी इस प्रकार की शिकायत है, वह यहां आ सकता है।
प्रारंभिक टेस्ट करने के बाद हम सैंपल को देहरादून-जौलीग्रांट हास्पिटल भेजते हैं। जहां से सैंपल की रिपोर्ट आती है। इसके आधार पर ही डेंगू के होने और न होने की पुष्टि होती है। लोग प्राइवेट पैथोलॉजी के बजाए सरकारी हॉस्पिटल में अपनी जांच करवाएं।