{"_id":"6a1ad495dfe81844ab049dd2","slug":"demand-for-the-introduction-of-new-subjects-in-the-college-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-120209-2026-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: महाविद्यालय में नए विषयों के संचालन की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: महाविद्यालय में नए विषयों के संचालन की मांग
Sat, 30 May 2026 05:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 30 May 2026 05:44 PM IST
विज्ञापन
समस्या हल नहीं होने पर छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
पुरोला। पीजी कॉलेज में विभिन्न विषयों की शुरुआत की मांग को लेकर छात्रों व अभिभावकों ने शासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पुरोला महाविद्यालय में संस्कृत, गृह विज्ञान, चित्रकला, संगीत और भूगोल जैसे विषयों की शुरूआत की मांग लंबे समय से की जा ही है। अभिभावक संघ अध्यक्ष गिरवीर सिंह रावत ने कहा कि पुरोला, मोरी, नौगांव और आसपास के क्षेत्र के इंटर कॉलेजों में वर्तमान समय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इन विषयों का अध्ययन कर रहे हैं।
इंटरमीडिएट के बाद इन विषयों में उच्च शिक्षा की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध न होने से विद्यार्थियों को देहरादून, विकासनगर और अन्य शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि महाविद्यालय में इन विषयों का संचालन शुरू किया जाता है तो क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्वीकृति नहीं मिली तो अभिभावक संघ छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। छात्रसंघ अध्यक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप महाविद्यालय में विषयों का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के इंटर कॉलेजों से हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी इन विषयों के साथ उत्तीर्ण होकर निकलते हैं लेकिन महाविद्यालय में विषय उपलब्ध न होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
विज्ञापन
पुरोला। पीजी कॉलेज में विभिन्न विषयों की शुरुआत की मांग को लेकर छात्रों व अभिभावकों ने शासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पुरोला महाविद्यालय में संस्कृत, गृह विज्ञान, चित्रकला, संगीत और भूगोल जैसे विषयों की शुरूआत की मांग लंबे समय से की जा ही है। अभिभावक संघ अध्यक्ष गिरवीर सिंह रावत ने कहा कि पुरोला, मोरी, नौगांव और आसपास के क्षेत्र के इंटर कॉलेजों में वर्तमान समय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इन विषयों का अध्ययन कर रहे हैं।
विज्ञापन
इंटरमीडिएट के बाद इन विषयों में उच्च शिक्षा की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध न होने से विद्यार्थियों को देहरादून, विकासनगर और अन्य शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि महाविद्यालय में इन विषयों का संचालन शुरू किया जाता है तो क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्वीकृति नहीं मिली तो अभिभावक संघ छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। छात्रसंघ अध्यक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप महाविद्यालय में विषयों का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के इंटर कॉलेजों से हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी इन विषयों के साथ उत्तीर्ण होकर निकलते हैं लेकिन महाविद्यालय में विषय उपलब्ध न होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।