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धूमधाम से मनाया धनेश्वर महाराज का छट मेला
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विकासखंड मोरी के पर्यटन गांव सौड़ में धनेश्वर महाराज का छट का मेला धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीणों ने जागरण के साथ ही तांदी व रांसो नृत्य भी किया। क्षेत्र में यह इस वर्ष का अंतिम मेला है। मेले के समापन के साथ ही इस वर्ष सावन, भाद्रपद माह में होने वाले मेलों का समापन भी हो गया है।
गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र में अडोर पट्टी के सौड़गांव में प्रत्येक वर्ष धनकेश्वर महाराज के छट मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में देवता के पश्वा, माली, पुजारी सहित सात लोग देवता की मूर्तियों को स्नान कराने के लिए गांव से 30 किमी दूर भराड़सर बुग्याल ले जाते हैं। यह पैदल यात्रा पूरे पांच दिन की होती है।
यहां देव मूर्तियों सहित देवता के पश्वा स्नान करते हैं। यहां से जल एवं ब्रह्मकमल लेकर ग्रामीण गांव पहुंचते हैं। यह जल ही यहां प्रसाद के रूप में ग्रामीणों को प्रदान किया जाता है, जिस दिन ये लोग गांव पहुंचते हैं उसी दिन यहां रात्रि जागरण कर मेला आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी मंगलवार को यहां रात्रि जागरण कर धूमधाम से मेला मनाया गया। स्थानीय निवासी चैन सिंह रावत ने बताया कि मेले के समापन के साथ ही इस वर्ष के सभी मेलों का समापन हो जाता है। इस अवसर पर प्रधान बर्फिया लाल, रीना रावत, राजमोहन रांगड, राजेश डिमरी, भजन सिंह रावत, उपेंद्र, देशराज, गोविंद, नत्थी सिंह, जनक सिंह, सरदार सिंह, शीशपाल सिंह, रामलाल, गजेंद्र लाल, मीमा देवी, निर्मला आदि मौजूद थे।
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गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र में अडोर पट्टी के सौड़गांव में प्रत्येक वर्ष धनकेश्वर महाराज के छट मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में देवता के पश्वा, माली, पुजारी सहित सात लोग देवता की मूर्तियों को स्नान कराने के लिए गांव से 30 किमी दूर भराड़सर बुग्याल ले जाते हैं। यह पैदल यात्रा पूरे पांच दिन की होती है।
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यहां देव मूर्तियों सहित देवता के पश्वा स्नान करते हैं। यहां से जल एवं ब्रह्मकमल लेकर ग्रामीण गांव पहुंचते हैं। यह जल ही यहां प्रसाद के रूप में ग्रामीणों को प्रदान किया जाता है, जिस दिन ये लोग गांव पहुंचते हैं उसी दिन यहां रात्रि जागरण कर मेला आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी मंगलवार को यहां रात्रि जागरण कर धूमधाम से मेला मनाया गया। स्थानीय निवासी चैन सिंह रावत ने बताया कि मेले के समापन के साथ ही इस वर्ष के सभी मेलों का समापन हो जाता है। इस अवसर पर प्रधान बर्फिया लाल, रीना रावत, राजमोहन रांगड, राजेश डिमरी, भजन सिंह रावत, उपेंद्र, देशराज, गोविंद, नत्थी सिंह, जनक सिंह, सरदार सिंह, शीशपाल सिंह, रामलाल, गजेंद्र लाल, मीमा देवी, निर्मला आदि मौजूद थे।
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