हर्षिल से छितकुल के लम्खागा दर्रे की ट्रेकिंग पर निकले लापता 11 ट्रेकरों में से सात के शव मिल गए हैं। दो घायलों को रेस्क्यू किया गया है। अब भी दो ट्रेकर लापता हैं। उनकी तलाश के लिए सेना, आईटीबीपी व वायु सेना अभियान चला रही है। पांच शवों को उत्तरकाशी लाया जा रहा है। मृतकों में तन्मय तिवारी, विकास मकल, अनीता रावत, सावियन दास, सौरभ घोष शामिल हैं।
हर्षिल से 14 अक्तूबर को 11 ट्रेकरों और छह पोर्टरों का एक दल किन्नौर के छितकुल के लिए निकला था। 17 और 18 अक्तूबर को भारी बर्फबारी में 11 पर्यटक ट्रेक पर फंस गए थे। नेपाल मूल के छह पोर्टर पैदल ही सांगला के लिए बर्फ में निकल गए। पोर्टरों की सूचना पर फंसे ट्रेकरों के लिए सेना, आईटीबीपी, वायु सेना और एसडीआरएफ की ओर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। बृहस्पतिवार को टीम ने ट्रैक पर पांच शव देखे थे। एक ट्रेकर मिथुन दारी को रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार के लिए हर्षिल आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे जिला अस्पताल उत्तरकाशी भेज दिया गया था। वहीं शुक्रवार को भी रेस्क्यू जारी रहा। 9 बिहार रेजीमेंट के कर्नल राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि रेस्क्यू दल ने ट्रेकरों के सात शव बरामद कर लिए हैं। दो घायलों को रेस्क्यू किया गया है। अब भी दो ट्रेकर लापता चल रहे हैं। उनकी तलाश जारी है। एसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पांच शव हर्षिल पुलिस को सौंपे गए हैं। उन्हें उत्तरकाशी लाया जा रहा है। दो शव हिमाचल आईटीबीपी ने बरामद किए हैं।