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Uttarkashi News: डुंडा अस्पताल के बाहर जर्जर भवन मेंं पसरा है बॉयो मेडिकल वेस्ट
Wed, 24 Jun 2026 06:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 24 Jun 2026 06:06 PM IST
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आवासीय बस्ती आदि क्षेत्रों में प्रदूषण और बीमारी का बढ़ रहा है खतरा
उत्तरकाशी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंडा में एकत्रित होने वाले बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। वहां पर कूड़ा निस्तारण के लिए वाहन नहीं होने के कारण अस्पताल का पूरा कूड़ा खुले में पसरा हुआ है। इससे आसपास के पर्यावरण के साथ ही आवासीय बस्ती आदि क्षेत्रों में प्रदूषण और बीमारी का खतरा बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई व्यवस्था की हकीकत पीएचसी डुंडा बयां कर रहा है। वहां पर पहले सफाई कर्मी की समस्या है तो उसके बाद अस्पताल का बॉयोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। कूड़ा अस्पताल के सामने जर्जर भवन के भीतर बिखरा है।
कूड़े में सीरींज और खराब पड़ा सामान सहित पट्टियां बिखरी हुई हैं। इससे आसपास की आवासीय बस्ती में भी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार वहां पर जो गाड़ी कूड़ा उठाने आती है। उसका भी समय निर्धारित नहीं है। इसलिए कई बार कूड़ा उठने में देरी हो जाती है। इससे स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वच्छता को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर सवाल उठ रहे हैं। डुंडा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक शर्मा का कहना है कि कूड़ा को ले जाने के लिए वाहन आता है। शायद एक-दो दिन से वाहन नहीं आया होगा। इसलिए कूड़ा रह गया होगा।
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उत्तरकाशी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंडा में एकत्रित होने वाले बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। वहां पर कूड़ा निस्तारण के लिए वाहन नहीं होने के कारण अस्पताल का पूरा कूड़ा खुले में पसरा हुआ है। इससे आसपास के पर्यावरण के साथ ही आवासीय बस्ती आदि क्षेत्रों में प्रदूषण और बीमारी का खतरा बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई व्यवस्था की हकीकत पीएचसी डुंडा बयां कर रहा है। वहां पर पहले सफाई कर्मी की समस्या है तो उसके बाद अस्पताल का बॉयोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। कूड़ा अस्पताल के सामने जर्जर भवन के भीतर बिखरा है।
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कूड़े में सीरींज और खराब पड़ा सामान सहित पट्टियां बिखरी हुई हैं। इससे आसपास की आवासीय बस्ती में भी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार वहां पर जो गाड़ी कूड़ा उठाने आती है। उसका भी समय निर्धारित नहीं है। इसलिए कई बार कूड़ा उठने में देरी हो जाती है। इससे स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वच्छता को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर सवाल उठ रहे हैं। डुंडा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक शर्मा का कहना है कि कूड़ा को ले जाने के लिए वाहन आता है। शायद एक-दो दिन से वाहन नहीं आया होगा। इसलिए कूड़ा रह गया होगा।
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