{"_id":"587baece4f1c1b332defe434","slug":"basanti-is-the-boom-in-cultural-evening-jagron","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांस्कृतिक संध्या में रही बसंती के जागरों की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांस्कृतिक संध्या में रही बसंती के जागरों की धूम
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Sun, 15 Jan 2017 10:48 PM IST
विज्ञापन
Basanti
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माघ मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या जागर गायिका बसंती बिष्ट के नाम रही। उन्होंने शिव स्तुति से जागर की शुरूआत की। इसके बाद पारंपरिक विधाओं वाले पहाड़ी देवी देवताओं के जागर सुनाकर मेला पांडाल में मौजूद दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
विज्ञापन
शनिवार को उत्तरायणी पर्व पर शुरू हुए माघ मेले का शुभारंभ स्थानीय देव डोलियों के सानिध्य में हुआ। इसके बाद पांडाल में विभिन्न कार्यक्रमों की शुरूआत हुई। शनिवार को माघ मेले की पहली संध्या पर उत्तराखंड की प्रसिद्ध जागर गायिका बसंती बिष्ट ने पहाड़ की पारंपरिक विधा वाले जागरों को गाकर दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
विज्ञापन
रविवार को दूसरे दिन माघ मेला मंच पर कोटियाल गांव महिला मंगल दल की महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में रासौ नृत्य किया। ढोल नगाड़ों की थाप पर महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में रासौ नृत्य शुरू किया, जिसे देखने के लिए मेला पांडाल में दर्शक जमा हो गए।
विज्ञापन
इसके बाद शेरूलाल भराणगांव के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। देर शाम डुंडा ब्लाक की सांस्कृतिक टीम के कलाकारों ने मंच पर शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोहा।