{"_id":"68e7c33c0d19f40efa02552c","slug":"arakot-hospital-is-without-doctors-and-health-workers-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-115228-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: आराकोट अस्पताल में नहीं है डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: आराकोट अस्पताल में नहीं है डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी
Thu, 09 Oct 2025 07:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 09 Oct 2025 07:44 PM IST
विज्ञापन
कई बार शिकायत करने पर भी नहीं हो रही है समस्या हल
पुरोला। विकास खंड मोरी के आराकोट-बंगाण क्षेत्र के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट में लंबे समय से डॉक्टर, फार्मासिस्ट व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं पिछले दिनों एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए ग्रामीणों को त्यूणी की दौड़ लगानी पड़ी।
भाजपा के मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्य चिकित्साधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि आराकोट स्वास्थ्य केंद्र में महीनों से कोई डॉक्टर, स्टाफ नर्स या वार्ड बॉय तैनात नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र केवल नाममात्र का रह गया है। इस कारण मरीजों को इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू या देहरादून जिले के त्यूणी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
चौहान ने बताया कि कुछ दिन पूर्व क्षेत्र के ग्राम डेलेनू में 17 लोग एक पागल कुत्ते के काटी गाय का दूध पीने से बीमार हुए थे। आराकोट केंद्र में डॉक्टर और स्टाफ नहीं होने के कारण सभी को त्यूणी ले जाना पड़ा। इससे मरीजों व उनके परिजनों को भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरोला। विकास खंड मोरी के आराकोट-बंगाण क्षेत्र के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट में लंबे समय से डॉक्टर, फार्मासिस्ट व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं पिछले दिनों एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए ग्रामीणों को त्यूणी की दौड़ लगानी पड़ी।
भाजपा के मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्य चिकित्साधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि आराकोट स्वास्थ्य केंद्र में महीनों से कोई डॉक्टर, स्टाफ नर्स या वार्ड बॉय तैनात नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र केवल नाममात्र का रह गया है। इस कारण मरीजों को इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू या देहरादून जिले के त्यूणी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन
चौहान ने बताया कि कुछ दिन पूर्व क्षेत्र के ग्राम डेलेनू में 17 लोग एक पागल कुत्ते के काटी गाय का दूध पीने से बीमार हुए थे। आराकोट केंद्र में डॉक्टर और स्टाफ नहीं होने के कारण सभी को त्यूणी ले जाना पड़ा। इससे मरीजों व उनके परिजनों को भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन