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महापंचायत में कसम खाने बाद पलटे दावेदार
ब्यूरो/ अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Tue, 27 Dec 2016 09:52 PM IST
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गत रविवार को मोरी महापंचायत में कोर कमेटी की ओर से लिए गए निर्णय पर क्षेत्र के कुछ लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर कमेटी पर आरोप है कि जनप्रतिनिधि के साथ ही राजनीतिक अनुभव वाले व्यक्ति को प्रत्याशी न बनाकर अयोग्य को प्रत्याशी चयनित किया गया, जबकि पहले हुई बैठकों में तय हुआ था कि जो भी प्रत्याशी का दावेदार होगा अथवा बनाया जाएगा वह पूर्व में जनप्रतिनिधि हो, ग्रेजुएट तथा राजनीतिक अनुभव वाला होना चाहिए।
महापंचायत के फैसले से पूर्व जखोल गांव से प्रत्याशी के दावेदार कमलेश के पिता सिताबू लाल, रामलाल व गुलबिया ने आरोप लगाया कि देवी-देवताओं, कोर कमेटी व आयोजक मंडल की सहमति से प्रत्याशी चुना गया वह जनप्रतिनिधि के साथ ही कोई राजनीतिक पहचान व योगदान नहीं रखता।
इनका कहना है कि वह कोर कमेटी की ओर से चयनित प्रत्याशी का चुनाव में बहिष्कार करेंगे। दूसरी ओर बताया जा रहा है कि आरोप लगाने वाले लोगों ने भी महापंचायत में देवी-देवताओं की मौजूदगी में चुने गए प्रत्याशी का ही साथ देने की कसम खाई थी। महापंचायत में मौजूद रहे लोगों ने उस वक्त इसका विरोध नहीं किया। अब बहिष्कार की बात औचित्यहीन बताई जा रही है।
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महापंचायत के फैसले से पूर्व जखोल गांव से प्रत्याशी के दावेदार कमलेश के पिता सिताबू लाल, रामलाल व गुलबिया ने आरोप लगाया कि देवी-देवताओं, कोर कमेटी व आयोजक मंडल की सहमति से प्रत्याशी चुना गया वह जनप्रतिनिधि के साथ ही कोई राजनीतिक पहचान व योगदान नहीं रखता।
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इनका कहना है कि वह कोर कमेटी की ओर से चयनित प्रत्याशी का चुनाव में बहिष्कार करेंगे। दूसरी ओर बताया जा रहा है कि आरोप लगाने वाले लोगों ने भी महापंचायत में देवी-देवताओं की मौजूदगी में चुने गए प्रत्याशी का ही साथ देने की कसम खाई थी। महापंचायत में मौजूद रहे लोगों ने उस वक्त इसका विरोध नहीं किया। अब बहिष्कार की बात औचित्यहीन बताई जा रही है।
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