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10 साल बाद गूंजी तीन बच्चों की किलकारी

Sat, 03 Sep 2016 10:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Sat, 03 Sep 2016 10:11 PM IST
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After 10 years, three children shriek rang
नवजात शिशु - फोटो : demo pic

 जिले में शादी के दस साल तक निसंतान का ठप्पा लगने से दुखी द्वारी गांव की आशा ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म देकर परिवार में खुशियां बिखेर दी। मेरठ के एक अस्पताल में बच्चों को जन्म देने के बाद गांव लौटी आशा और महिपाल के घर उन्हें बधाई देने वालों का का तांता लगा हुआ है।

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जुनून की हद तक बच्चे के लिए लालायित 37 वर्षीय महिपाल और 34 वर्षीय आशा ने अपनी दुकानदारी व खेती-बाड़ी छोड़कर इलाज के लिए देहरादून व मुजफ्फरनगर का रुख किया। मुजफ्फरनगर के ही एक प्राइवेट अस्पताल में पति ने दो वर्ष पूर्व पत्नी के गर्भाशय और ट्यूब का लैप्रोस्कोपी ऑपरेशन कराया था।
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इलाज के बाद गांव वापस आकर आशा फिर अपने पति के साथ मुजफ्फरनगर पहुंची। एक माह पूर्व उसे प्रसव पीड़ा होने पर चिकित्सक की सलाह पर मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। जुलाई के अंतिम सप्ताह में आशा ने एक पुत्र और दो पुत्रियों को जन्म दिया।
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20 दिनों तक वहीं अस्पताल में डॉक्टर की देखरेख में रहने के बाद पति-पत्नी गांव लौटे। वर्ष 2006 में शादी के बाद बिना बच्चे के सूने पड़े उनके घर में अब तीन बच्चों की किलकारियां गूंजने से आस-पास के गांव के लोग भी खुश हैं। महिपाल के अनुसार उन्हें लंबे समय से निसंतान का दंश सहना पड़ रहा था। ब्यूरो

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