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Uttarkashi News: कचडू देवता के लिए बनाया चार किलो का चांदी का ढोल
Wed, 12 Mar 2025 07:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 12 Mar 2025 07:51 PM IST
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उत्तरकाशी। डुंडा क्षेत्र के ग्रामीणों और भक्तों ने अपने आराध्य कचडू देवता का चार किलो चांदी से ढोल और मूर्ति तैयार की। इस दौरान ग्रामीणों ने रनाड़ी गांव में तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया। अंतिम दिन कचडू देवता की मूर्ति को पौराणिक मंदिर में स्थापित किया।
बुधवार को समापन पर कचडू देवता की नवनिर्मित मूर्ति को पौराणिक मंदिर में स्थापित किया गया। इस दौरान गांव की ध्याणियां और ग्रामीणों ने ढोल के साथ जमकर नृत्य किया। साथ ही ग्रामीणों ने अपने आराध्य कचडू देवता से क्षेत्र की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। कचडू देवता के पश्वा खेमचंद रमोला ने बताया कि कचडू देवता डुंडा क्षेत्र के आराध्य देवता है। यहां दूर-दूर से लोग अपनी समस्या को लेकर आते है, जिनका देवता निस्तारण करता है। डुंडा क्षेत्र के ग्रामीणों और भक्तों से सहयोग से चांदी का ढोल और मूर्ति बनाई गई है, जो चार किलो से अधिक चांदी का ढोल है। इस मौके पर नरेश नौटियाल, राजेश नौटियाल, किशन चंद रमोला, सुरेश चंद, विशन सिंह रमोला, संजय उपल, धर्म सिंह रजवार, सोबन चंद रमोला, राजदीप परमार, मनीष राणा, कनकपाल परमार, मुकेश जागमोहन, भरत चंद रमोला आदि मौजूद रहे। संवाद
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बुधवार को समापन पर कचडू देवता की नवनिर्मित मूर्ति को पौराणिक मंदिर में स्थापित किया गया। इस दौरान गांव की ध्याणियां और ग्रामीणों ने ढोल के साथ जमकर नृत्य किया। साथ ही ग्रामीणों ने अपने आराध्य कचडू देवता से क्षेत्र की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। कचडू देवता के पश्वा खेमचंद रमोला ने बताया कि कचडू देवता डुंडा क्षेत्र के आराध्य देवता है। यहां दूर-दूर से लोग अपनी समस्या को लेकर आते है, जिनका देवता निस्तारण करता है। डुंडा क्षेत्र के ग्रामीणों और भक्तों से सहयोग से चांदी का ढोल और मूर्ति बनाई गई है, जो चार किलो से अधिक चांदी का ढोल है। इस मौके पर नरेश नौटियाल, राजेश नौटियाल, किशन चंद रमोला, सुरेश चंद, विशन सिंह रमोला, संजय उपल, धर्म सिंह रजवार, सोबन चंद रमोला, राजदीप परमार, मनीष राणा, कनकपाल परमार, मुकेश जागमोहन, भरत चंद रमोला आदि मौजूद रहे। संवाद
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