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90 फीसदी पंचायत घर व यात्री शेड इस्तेमाल लायक नहीं
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राज्य में सार्वजनिक निर्माण गुणवत्ताहीन है। सड़क से लेकर नहरें, पाइप लाइन, अस्पताल भवन, एएनएम सेंटर और स्कूल भवनों के निर्माण की हालत खराब है। लगभग 90 फीसदी पंचायत घर और यात्री शेड इस्तेमाल के लायक नहीं हैं। यह कहना है उत्तराखंड सद्भावना यात्रा पर निकले सदस्यों का। पिछले 30 दिन में करीब 3 हजार किलोमीटर का सफर तय करने वाले यात्रा के सदस्यों ने यहां पत्रकार वार्ता कर यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए।
यहां पालिका सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में यात्रा के संयोजक भुवन पाठक ने कहा कि कुली बेगार आंदोलन के 100 साल और देश की आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर यह यात्रा आयोजित की गई है। कहा कि पिछले 30 दिनों में कई गांवों, कस्बों और शहरों में आम आदमी से बात करने पर सार्वजनिक निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब मिली है, जिससे पता चलता है कि स्कूलों के भवन निर्माण की गुणवत्ता बहुत घटिया है। सुअर व बंदर फसल चौपट कर रहे हैं। उत्तराखंड सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष इस्माल हुसैन ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवा के बुरे हाल हैं। निराश्रित पशुओं के साथ लोग भी हैं। चिपको नेता साब सिंह सजवाण ने कहा कि यह सद्भावना यात्रा का उद्देश्य संभावना तलाशना है। वार्ता में अधिवक्ता आनंद पंवार, विजेंद्र नौटियाल, कल्पना ठाकुर, रीता इस्लाम, जीत सिंह, रजनीश सिंह आदि रहे।
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यहां पालिका सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में यात्रा के संयोजक भुवन पाठक ने कहा कि कुली बेगार आंदोलन के 100 साल और देश की आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर यह यात्रा आयोजित की गई है। कहा कि पिछले 30 दिनों में कई गांवों, कस्बों और शहरों में आम आदमी से बात करने पर सार्वजनिक निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब मिली है, जिससे पता चलता है कि स्कूलों के भवन निर्माण की गुणवत्ता बहुत घटिया है। सुअर व बंदर फसल चौपट कर रहे हैं। उत्तराखंड सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष इस्माल हुसैन ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवा के बुरे हाल हैं। निराश्रित पशुओं के साथ लोग भी हैं। चिपको नेता साब सिंह सजवाण ने कहा कि यह सद्भावना यात्रा का उद्देश्य संभावना तलाशना है। वार्ता में अधिवक्ता आनंद पंवार, विजेंद्र नौटियाल, कल्पना ठाकुर, रीता इस्लाम, जीत सिंह, रजनीश सिंह आदि रहे।
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