{"_id":"69331b5c7834bcfea90efea8","slug":"38-lakh-rupees-spent-on-garbage-disposal-yet-no-solution-found-uttarkashi-news-c-5-1-drn1086-850402-2025-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: कूड़ा निस्तारण के नाम पर 38 लाख खर्च, फिर भी नहीं मिला समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: कूड़ा निस्तारण के नाम पर 38 लाख खर्च, फिर भी नहीं मिला समाधान
Fri, 05 Dec 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 05 Dec 2025 11:20 PM IST
विज्ञापन
कूड़ा निस्तारण के नाम पर 38 लाख खर्च, फिर भी नहीं मिला समाधान
उत्तरकाशी। नगरपालिका बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण के लिए 38 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ताबांखानी क्षेत्र में करीब 3,000 मीट्रिक टन कूड़ा अब भी जमा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कूड़े के ढेर से भागीरथी नदी प्रदूषित हो रही है और आसपास के साथ ही जोशियाड़ा क्षेत्र तक प्रभावित हो रहा है।
पालिका की ओर से तिलोथ पावर हाउस के पीछे कूड़ा निस्तारण केंद्र के नाम पर भूमि समतलीकरण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अभी तक केंद्र निर्माण को शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में बिना स्वीकृति के 38 लाख रुपये खर्च होने पर सवाल उठ रहे हैं। नवनिर्वाचित नगरपालिका ने अपने घोषणापत्र में कूड़ा निस्तारण को प्राथमिकता देने की बात कही थी लेकिन 11 माह बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और नया कूड़ा प्रतिदिन ताबांखानी में ही जमा हो रहा है।
पालिका अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान का कहना है कि निस्तारण केंद्र के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है और भूमि का समतलीकरण उसी के तहत कराया गया है। डीपीआर जल्द ही शासन को भेजी जाएगी, दावा किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। नगरपालिका बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण के लिए 38 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ताबांखानी क्षेत्र में करीब 3,000 मीट्रिक टन कूड़ा अब भी जमा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कूड़े के ढेर से भागीरथी नदी प्रदूषित हो रही है और आसपास के साथ ही जोशियाड़ा क्षेत्र तक प्रभावित हो रहा है।
पालिका की ओर से तिलोथ पावर हाउस के पीछे कूड़ा निस्तारण केंद्र के नाम पर भूमि समतलीकरण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अभी तक केंद्र निर्माण को शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में बिना स्वीकृति के 38 लाख रुपये खर्च होने पर सवाल उठ रहे हैं। नवनिर्वाचित नगरपालिका ने अपने घोषणापत्र में कूड़ा निस्तारण को प्राथमिकता देने की बात कही थी लेकिन 11 माह बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और नया कूड़ा प्रतिदिन ताबांखानी में ही जमा हो रहा है।
विज्ञापन
पालिका अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान का कहना है कि निस्तारण केंद्र के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है और भूमि का समतलीकरण उसी के तहत कराया गया है। डीपीआर जल्द ही शासन को भेजी जाएगी, दावा किया गया है।
विज्ञापन