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जल विद्युत निगम व पालिक के भूमि विवाद से लटकी 18 दुकानें
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नगर पालिका बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) की ज्ञानसू में निर्माणाधीन 18 दुकानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जल विद्युत निगम ने बिना अनुमति उसकी जमीन पर निर्माण का आरोप लगाते हुए पालिका को तीन नोटिस जारी किए, जिसके बाद पालिका प्रशासन यहां जिला प्रशासन से अनुमति पर निर्माण की बात कह रहा है। वहीं डीएम मयूर दीक्षित ने एसडीएम को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
बीते 24 जून मेें नगर पालिका ने ज्ञानसू वार्ड नंबर सात में सिंचाई विभाग कार्यालय के पास 18 दुकानों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। पालिका की योजना यहां दुकानों का निर्माण कर शहर में गंगोत्री हाईवे पर मोटर मैकेनिक, वेल्डिंग व कबाड़ की दुकान चलाने वालों को दुकानें आवंटित करने की थी, लेकिन यहां निर्माण कार्य शुरू हुआ ही था कि चार दिन बाद 28 जून को ही जल विद्युत निगम ने पालिका प्रशासन को उसकी जमीन पर बिना अनुमति निर्माण करने पर नोटिस जारी किया। बाद में 30 जून और 2 जुलाई को दो और नोटिस जारी किए गए। जिसके बाद से यहां पालिका का दुकान निर्माण विवादों में आ गया है।
जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) के ईई अमन बिष्ट का कहना है कि निगम की जमीन पर पालिका के निर्माण कार्य की जानकारी मिलते ही नोटिस जारी किए गए, जिसका पालिका ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। कहा कि निगम की जमीन की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। मामले को लेकर प्रशासन के साथ उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। वहीं विवाद के बाद भी पालिका ने निर्माण कार्य बंद नहीं किया है। हालांकि पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल ने प्रशासन की ओर से पत्र मिलने पर जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की बात कही है।
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जिला प्रशासन की परमिशन पर ही दुकानों का निर्माण शुरू किया गया है। जो जनहित में है। दुकानों का निर्माण होगा तो शहर में मोटर मैकेनिक आदि की दुकानों से लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
रमेश सेमवाल, अध्यक्ष नगर पालिका बाड़ाहाट।
इस विवाद को लेकर जांच एसडीएम भटवाड़ी को दी है। जो दो-तीन दिनों में जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट देंगे। -मयूर दीक्षित, डीएम उत्तरकाशी।
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बीते 24 जून मेें नगर पालिका ने ज्ञानसू वार्ड नंबर सात में सिंचाई विभाग कार्यालय के पास 18 दुकानों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। पालिका की योजना यहां दुकानों का निर्माण कर शहर में गंगोत्री हाईवे पर मोटर मैकेनिक, वेल्डिंग व कबाड़ की दुकान चलाने वालों को दुकानें आवंटित करने की थी, लेकिन यहां निर्माण कार्य शुरू हुआ ही था कि चार दिन बाद 28 जून को ही जल विद्युत निगम ने पालिका प्रशासन को उसकी जमीन पर बिना अनुमति निर्माण करने पर नोटिस जारी किया। बाद में 30 जून और 2 जुलाई को दो और नोटिस जारी किए गए। जिसके बाद से यहां पालिका का दुकान निर्माण विवादों में आ गया है।
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जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) के ईई अमन बिष्ट का कहना है कि निगम की जमीन पर पालिका के निर्माण कार्य की जानकारी मिलते ही नोटिस जारी किए गए, जिसका पालिका ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। कहा कि निगम की जमीन की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। मामले को लेकर प्रशासन के साथ उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। वहीं विवाद के बाद भी पालिका ने निर्माण कार्य बंद नहीं किया है। हालांकि पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल ने प्रशासन की ओर से पत्र मिलने पर जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की बात कही है।
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जिला प्रशासन की परमिशन पर ही दुकानों का निर्माण शुरू किया गया है। जो जनहित में है। दुकानों का निर्माण होगा तो शहर में मोटर मैकेनिक आदि की दुकानों से लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
रमेश सेमवाल, अध्यक्ष नगर पालिका बाड़ाहाट।
इस विवाद को लेकर जांच एसडीएम भटवाड़ी को दी है। जो दो-तीन दिनों में जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट देंगे। -मयूर दीक्षित, डीएम उत्तरकाशी।