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तपोवन व केदारताल अभियान से लौटा सीजन का पहला ट्रैकिंग दल
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उत्तरकाशी। इस वर्ष के ट्रेकिंग सीजन में गंगोत्री नेशनल पार्क जाने वाला पहला अभियान दल बुधवार को जिला मुख्यालय लौट आया है। विदेशी पर्यटकों के इस दल ने अपनी यात्रा में गोमुख, तपोवन आदि कई प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थानों का लुत्फ उठाया। हालांकि बीते रोज हुई बर्फबारी के कारण दल केदारताल अभियान को पूरा नहीं कर सका।
बता दें कि विगत 26 अप्रैल को कनाडा के हाजेन मकॉय व न्यूजीलैंड की जेसिका छह सदस्यीय पर्यटक दल के साथ तपोवन और केदारताल अभियान के लिए निकले थे। अपने पांच दिवसीय अभियान के पहले चरण में दल चीड़वासा, भोजवासा व गोमुख होते हुए 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तपोवन पहुंचा। वहां से गंगोत्री लौटकर ये पर्यटक केदार ताल अभियान के लिए रवाना हुए, लेकिन मंगलवार को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के कारण दल को भुजखर्क से ही लौटना पड़ा। ट्रेकिंग एजेंसी संचालक जयेंद्र राणा ने बताया कि अभियान दल से मिली जानकारी के अनुसार गंगोत्री से तपोवन तक का ट्रेक रूट पर्यटकों के लिए सुरक्षित है। कुछ स्थानों को छोड़कर अधिकांश जगहों पर अभी भी एक से डेढ़ फीट तक बर्फ जमा है। वहीं इस क्षेत्र में दुर्लभ हिमालयी वन्य जीव भी दिखाई दे रहे हैं।
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बता दें कि विगत 26 अप्रैल को कनाडा के हाजेन मकॉय व न्यूजीलैंड की जेसिका छह सदस्यीय पर्यटक दल के साथ तपोवन और केदारताल अभियान के लिए निकले थे। अपने पांच दिवसीय अभियान के पहले चरण में दल चीड़वासा, भोजवासा व गोमुख होते हुए 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तपोवन पहुंचा। वहां से गंगोत्री लौटकर ये पर्यटक केदार ताल अभियान के लिए रवाना हुए, लेकिन मंगलवार को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के कारण दल को भुजखर्क से ही लौटना पड़ा। ट्रेकिंग एजेंसी संचालक जयेंद्र राणा ने बताया कि अभियान दल से मिली जानकारी के अनुसार गंगोत्री से तपोवन तक का ट्रेक रूट पर्यटकों के लिए सुरक्षित है। कुछ स्थानों को छोड़कर अधिकांश जगहों पर अभी भी एक से डेढ़ फीट तक बर्फ जमा है। वहीं इस क्षेत्र में दुर्लभ हिमालयी वन्य जीव भी दिखाई दे रहे हैं।
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