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अपराजिता अभियान के तहत विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जागरुक
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उत्तरकाशी। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत डुंडा ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल चिणाखोली में पर्यावरण संरक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को जल, जंगल आदि के संरक्षण व संवर्द्धन की जानकारी दी गई। इस अवसर पर बीज प्रदर्शनी का आयोजन कर बच्चों को बीज बम अभियान से भी जोड़ा गया।
मंगलवार को प्रधानाचार्य कुंती पुंडीर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी गई। इसके तहत शिक्षिका सावित्री उनियाल व विनीता बिष्ट ने बताया कि सौर मंडल में पृथ्वी ही एक मात्र जीवंत ग्रह है। जहां ऑक्सीजन, पानी आदि प्राणदायी तत्वों की वजह से विभिन्न प्रजातियों के जीव जंतुओं को फलने फूलने का अवसर मिलता है, लेकिन असंतुलित मानवीय हस्तक्षेप के कारण प्रकृति का यह नाजुक संतुलन बिगड़ने लगा है।
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हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी के द्वारिका सेमवाल ने बताया कि दावानल, अवैध कटान, चीड़ के फैलाव आदि कारणों से मिश्रित वनों की संख्या लगातार घटती जा रही है। कृषि भूमि की गुणवत्ता घटने के साथ ही लोगों को अशुद्ध भोजन खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में समय आ गया है कि सभी लोग मिलकर जंगलों में फलदार वृक्षों का रोपण करें। साथ ही खेतों में स्थानीय बीजों व पारंपरिक तकनीकों का प्रयोग करें। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने बीज बम बनाकर अभियान को सफल बनाने की शपथ ली। इस मौके पर रेणुका समिति के संदीप उनियाल, राजमणी, गंगा बहुगुणा, राखी राणा, मंगला देवी सहित नेहा, शीतल, सुमन राणा, प्रतिमा, लकी सेमवाल, जितेंद्र, सुशील, सोनम, विजय, प्रतिभा, निधि, संजना, कोयल, जयप्रकाश, कमला आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को प्रधानाचार्य कुंती पुंडीर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी गई। इसके तहत शिक्षिका सावित्री उनियाल व विनीता बिष्ट ने बताया कि सौर मंडल में पृथ्वी ही एक मात्र जीवंत ग्रह है। जहां ऑक्सीजन, पानी आदि प्राणदायी तत्वों की वजह से विभिन्न प्रजातियों के जीव जंतुओं को फलने फूलने का अवसर मिलता है, लेकिन असंतुलित मानवीय हस्तक्षेप के कारण प्रकृति का यह नाजुक संतुलन बिगड़ने लगा है।
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