फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   पर्याप्त पानी की मौजूदगी के बावजूद प्रबंधन के अभाव में जिले में बढ़ रही पेयजल की किल्लत

पर्याप्त पानी की मौजूदगी के बावजूद प्रबंधन के अभाव में जिले में बढ़ रही पेयजल की किल्लत

Sun, 21 Apr 2019 09:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 21 Apr 2019 09:18 PM IST
विज्ञापन
पर्याप्त पानी की मौजूदगी के बावजूद प्रबंधन के अभाव में जिले में बढ़ रही पेयजल की किल्लत
उत्तरकाशी। सीमांत उत्तरकाशी जिले में प्राकृतिक जलस्रोतों व प्रचुर मात्रा में बारिश बर्फबारी होने के बावजूद जनता को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है, लेकिन जल प्रबंधन की ठोस नीति बनाने के बजाय सरकारी तंत्र मात्र पेयजल योजनाओं के निर्माण तक ही सीमित रह गया है।
विज्ञापन

नगरीय क्षेत्र के एक व्यक्ति को प्रति दिन 135 लीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी की आपूर्ति होनी चाहिए। लेकिन जिले के चिन्यालीसौड़, डुंडा, बड़कोट आदि क्षेत्रों के कई कस्बों व गांवों में लोगों को मानकों के अनुसार पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जाड़ी संस्था के द्वारिका सेमवाल ने बताया कि गर्मियों में जलस्रोत सूखने तथा बरसात व बर्फबारी के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के चलते अधिकांश क्षेत्रों में साल भर पेयजल किल्लत रहती है। वहीं मौसम में आ रहे बदलावों के कारण भी जलस्रोत प्रभावित हो रहे हैं। जिसके चलते लोगों को बर्फ पिघलाकर व कई-कई किमी की पैदल दूरी नापकर पानी लाना पड़ता है। पेयजल योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बदले अगर वर्षा जल के संरक्षण, मिश्रित वनों के संवर्धन जैसे कार्यों पर जोर दिया जाए तो हालात सुधर सकते हैं।
विज्ञापन

वहीं रिलायंस फाउंडेशन के कमलेश गुरुरानी ने कहा कि पहले ग्रामीण स्वयं ही चाल-खाल व नालियों का निर्माण कर जल प्रबंधन किया करते थे, लेकिन सरकारी तंत्र का हस्तक्षेप बढ़ने के बाद ग्रामीण अपने पारंपरिक ज्ञान को छोड़कर पूरी तरह जल संस्थान आदि विभागों पर निर्भर हो गए हैं। जबकि विभागों के लिए बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा कर पाना मुश्किल है। ऐसे में शासन प्रशासन को पेयजल किल्लत से निपटने के लिए आम जनता की सहभागिता बढ़ाने के साथ ही पारंपरिक ज्ञान के प्रयोग पर जोर देना चाहिए। ताकि समय रहते इस समस्या का निस्तारण किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट:
आबादी बढ़ने, जलस्रोतों के सूखने व पाइप लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण जिले के कई क्षेत्रों में पेयजल किल्लत की समस्या हो रही है। इस वर्ष सर्दियों में अच्छी बर्फबारी होने के कारण अभी तक पेयजल किल्लत की समस्या नहीं बढ़ी है। हालांकि बीते सालों के अनुभवों को देखते हुए विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर कार्य योजना तैयार की है।
- बीएस डोगरा, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed