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मौसम ने ली करवट, जिले के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश
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उत्तरकाशी । जिले के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को साढ़े ग्यारह बजे से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के चलते तापमान में काफी गिरावट आ गई है। जिले का अधिकतम तापमान-22 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान-10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लोगों को फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बीते कुछ दिनों से चटक धूप के साथ गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा था। जनपद की निचली घाटियों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस पार हो गया था। मंगलवार को दिन की शुरूआत तो चटक धूप के साथ हुई, लेकिन साढ़े ग्यारह बजते-बजते आसमान में बादल छाने के लगे और थोड़ी ही देर में बारिश होने लगी। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में देर शाम तक तेज हवाओं के साथ बारिश होती रही। बारिश के चलते तामपान में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है।
सेब की फसल प्रभावित
मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को गर्मी की तपिश से तो राहत दिलाई , लेकिन सेब किसान मौसम के इस रुख से परेशान हैं। क्यों कि आजकल सेब बागानों में फ्लावरिंग सीजन चल रहा है। इस दौर में बारिश और ओलावृष्टि से सेब के पेड़ों पर आ रहे नए फूलों के झड़ने के साथ ही परागण क्रिया प्रभावित होने से सेब उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। सुक्की के सेब किसान मोहन सिंह राणा, धराली के जयभगवान पंवार, उम्मेद पंवार, हर्षिल के डा.नागेंद्र रावत आदि का कहना है कि इस बार सर्दियों में भारी बर्फबारी से सेब वृक्षों की न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता पूरी होने से सेब की अच्छी फसल की उम्मीद थी। लेकिन फ्लावरिंग सीजन में हो रही बारिश से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
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बीते कुछ दिनों से चटक धूप के साथ गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा था। जनपद की निचली घाटियों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस पार हो गया था। मंगलवार को दिन की शुरूआत तो चटक धूप के साथ हुई, लेकिन साढ़े ग्यारह बजते-बजते आसमान में बादल छाने के लगे और थोड़ी ही देर में बारिश होने लगी। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में देर शाम तक तेज हवाओं के साथ बारिश होती रही। बारिश के चलते तामपान में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है।
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सेब की फसल प्रभावित
मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को गर्मी की तपिश से तो राहत दिलाई , लेकिन सेब किसान मौसम के इस रुख से परेशान हैं। क्यों कि आजकल सेब बागानों में फ्लावरिंग सीजन चल रहा है। इस दौर में बारिश और ओलावृष्टि से सेब के पेड़ों पर आ रहे नए फूलों के झड़ने के साथ ही परागण क्रिया प्रभावित होने से सेब उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। सुक्की के सेब किसान मोहन सिंह राणा, धराली के जयभगवान पंवार, उम्मेद पंवार, हर्षिल के डा.नागेंद्र रावत आदि का कहना है कि इस बार सर्दियों में भारी बर्फबारी से सेब वृक्षों की न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता पूरी होने से सेब की अच्छी फसल की उम्मीद थी। लेकिन फ्लावरिंग सीजन में हो रही बारिश से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
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