{"_id":"5c9902b0bdec22141e22330f","slug":"155353165217-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निम के प्रशिक्षुओं ने हेलीकॉप्टर की मदद से सीखे खोज एवं बचाव के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निम के प्रशिक्षुओं ने हेलीकॉप्टर की मदद से सीखे खोज एवं बचाव के गुर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उत्तरकाशी। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान(निम) में चल रहे सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स के तहत प्रशिक्षुओं को सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से खोज एवं बचाव के गुर सिखाए गए। मातली हेलीपैड पर आयोजित इस प्रशिक्षण में 65 प्रशिक्षु शामिल हुए।
निम सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स कराने वाला एशिया का इकलौता संस्थान है। संस्थान में अभी तक संचालित 30 कोर्स में देश-विदेश के 1500 से अधिक प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। बीते 20 मार्च से निम में 31वां सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स चल रहा है। जिसमें देश-विदेश के कुल 65 युवक-युवतियां प्रतिभाग कर रहे हैं। सोमवार को इन प्रशिक्षुओं को मातली हेलीपैड पर सेना के चेतक हेलीकॉप्टर के माध्यम से खोज एवं बचाव के गुर सिखाए गए। प्रशिक्षुओं ने हेलीकॉप्टर से विंचिंग टैक्निक सिखाई गई। हेलीकॉप्टर के पायलट विंग कमांडर कपिल राजपूत ने महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां दीं। मौके पर मौजूद निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिहाज से यह कोर्स बहुत महत्वपूर्ण है। पूर्व में संस्थान से सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स कर चुके युवाओं ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने के साथ ही आपदा के दौरान खोज एवं बचाव अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को गंभीरता के साथ प्रशिक्षण लेने को कहा। इस मौके पर निम के उपप्रधानाचार्य ले.कर्नल योगेश धूमल, मुख्य प्रशिक्षक रणवीर सिंह, दशरथ सिंह आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
निम सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स कराने वाला एशिया का इकलौता संस्थान है। संस्थान में अभी तक संचालित 30 कोर्स में देश-विदेश के 1500 से अधिक प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। बीते 20 मार्च से निम में 31वां सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स चल रहा है। जिसमें देश-विदेश के कुल 65 युवक-युवतियां प्रतिभाग कर रहे हैं। सोमवार को इन प्रशिक्षुओं को मातली हेलीपैड पर सेना के चेतक हेलीकॉप्टर के माध्यम से खोज एवं बचाव के गुर सिखाए गए। प्रशिक्षुओं ने हेलीकॉप्टर से विंचिंग टैक्निक सिखाई गई। हेलीकॉप्टर के पायलट विंग कमांडर कपिल राजपूत ने महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां दीं। मौके पर मौजूद निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिहाज से यह कोर्स बहुत महत्वपूर्ण है। पूर्व में संस्थान से सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स कर चुके युवाओं ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने के साथ ही आपदा के दौरान खोज एवं बचाव अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को गंभीरता के साथ प्रशिक्षण लेने को कहा। इस मौके पर निम के उपप्रधानाचार्य ले.कर्नल योगेश धूमल, मुख्य प्रशिक्षक रणवीर सिंह, दशरथ सिंह आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन