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विश्व जल दिवस पर की पानी पर चर्चा,
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उत्तरकाशी। विश्व जल दिवस के अवसर पर रिलायंस फाउंडेशन की ओर से भटवाड़ी ब्लाक के जखोल और डुंडा ब्लाक के लोल्दा गांव में गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘जल सबके लिए’ विषय पर आयोजित इन गोष्ठियों में जल के महत्व के साथ ही इसके प्रबंधन पर चर्चा की गई। महिलाओं ने खेती-बागवानी एवं पशुपालन को बढ़ावा देकर पलायन रोकने और महिलाओं का बोझ कम करने के लिए पानी के कुशल प्रबंधन पर जोर दिया।
रिलायंस फाउंडेशन की ओर से ग्रामीणों को जल प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विश्व जल दिवस पर भटवाड़ी ब्लाक के जखोल और डुंडा ब्लाक के लोल्दा गांव में ‘ जल सबके लिए’ थीम पर गोष्ठियों का आयोजन किया। जखोल में आयोजित गोष्ठी में मां दुर्गा ग्राम कृषक समिति की अध्यक्ष कुसुमलता रमोला ने पानी की किल्लत वाले क्षेत्रों में कुशल प्रबंधन पर जोर दिया। इस मौके पर ग्रामीणों ने श्रमदान से बनी पेयजल योजना से लबालब भरी चरी पर पानी की पूजा-अर्चना की।
लोल्दा गांव में आयोजित गोष्ठी में एकता ग्राम संगठन जिनेथ की स्मिता देवी ने कहा कि पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं के नाम पर करोड़ों खर्च करने के बाद भी किल्लत बनी हुई है। मां दुर्गा समूह की अध्यक्ष रुकमणी देवी ने कहा कि जलस्रोतों के संरक्षण के लिए चौड़ी पत्ती के पेड़ों के वनीकरण को बढ़ावा देने की जरूरत है। गोष्ठी में सामने आया कि पानी के कुशल प्रबंधन से ही पहाड़ के गांवों में खेती-बागवानी और पशुपालन को बढ़ावा दिया जा सकता है और इसके माध्यम से ही पलायन थमेगा। रिलायंस फाउंडेशन के कमलेश गुरुरानी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध है, लेकिन प्रबंधन सही नहीं होने के कारण किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस दिशा में फाउंडेशन की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन गोष्ठियों में भटवाड़ी ब्लाक के गोरसाली, नटीण, द्वारी, जखोल तथा डुंडा के पटारा, मालना, पुजारगांव, जिनेथ, बांदू और लोल्दा आदि गांवों के ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया।
रिलायंस फाउंडेशन की ओर से ग्रामीणों को जल प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विश्व जल दिवस पर भटवाड़ी ब्लाक के जखोल और डुंडा ब्लाक के लोल्दा गांव में ‘ जल सबके लिए’ थीम पर गोष्ठियों का आयोजन किया। जखोल में आयोजित गोष्ठी में मां दुर्गा ग्राम कृषक समिति की अध्यक्ष कुसुमलता रमोला ने पानी की किल्लत वाले क्षेत्रों में कुशल प्रबंधन पर जोर दिया। इस मौके पर ग्रामीणों ने श्रमदान से बनी पेयजल योजना से लबालब भरी चरी पर पानी की पूजा-अर्चना की।
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लोल्दा गांव में आयोजित गोष्ठी में एकता ग्राम संगठन जिनेथ की स्मिता देवी ने कहा कि पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं के नाम पर करोड़ों खर्च करने के बाद भी किल्लत बनी हुई है। मां दुर्गा समूह की अध्यक्ष रुकमणी देवी ने कहा कि जलस्रोतों के संरक्षण के लिए चौड़ी पत्ती के पेड़ों के वनीकरण को बढ़ावा देने की जरूरत है। गोष्ठी में सामने आया कि पानी के कुशल प्रबंधन से ही पहाड़ के गांवों में खेती-बागवानी और पशुपालन को बढ़ावा दिया जा सकता है और इसके माध्यम से ही पलायन थमेगा। रिलायंस फाउंडेशन के कमलेश गुरुरानी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध है, लेकिन प्रबंधन सही नहीं होने के कारण किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस दिशा में फाउंडेशन की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन गोष्ठियों में भटवाड़ी ब्लाक के गोरसाली, नटीण, द्वारी, जखोल तथा डुंडा के पटारा, मालना, पुजारगांव, जिनेथ, बांदू और लोल्दा आदि गांवों के ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया।
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