फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   सड़क से नहीं जुड़ पाए असी गंगा घाटी के गांव

सड़क से नहीं जुड़ पाए असी गंगा घाटी के गांव

Tue, 12 Feb 2019 09:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 12 Feb 2019 09:18 PM IST
विज्ञापन
सड़क से नहीं जुड़ पाए असी गंगा घाटी के गांव

विज्ञापन
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय से महज 15 किमी की दूरी पर स्थित असी गंगा घाटी के गांव आजतक सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं, जिससे ग्रामीणों को पैदल सफर करना पड़ रहा है।
वर्ष 1910 में राजशाही के समय गंगोरी से डोडीताल तक 31 किमी पैदल रास्ता बना था। वर्ष 1960 में वन विभाग ने यहां वनोपज विदोहन के लिए संगमचट्टी से सेकू गांव होते हुए डोडीताल से दो किमी पीछे तक भारी वाहनों की आवाजाही लायक सड़क तैयार कर दी थी। सहारनपुर पेपर मिल के ट्रक वर्षों तक सड़क के रास्ते लकड़ी का ढुलान करते रहे। समय के साथ विकास होने के बजाय सड़क का अस्तित्व ही समाप्त हो गया। अब हाल यह है कि सड़क का संगमचट्टी से सेकू गांव तक का हिस्सा भी सुरक्षित यातायात लायक नहीं रह गया है। भले ही अब क्षेत्र में गजोली और नौगांव तक सड़क कट चुकी है। इससे आगे भंकोली और अगोड़ा तक पहुंचाने की तैयारी है। सेकू, नौगांव, भंकोली, अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका गांव के पैदल रास्ते भी सुरक्षित आवाजाही लायक नहीं हैं। संगमचट्टी से अगोड़ा होते हुए डोडीताल तक 21 किमी का पैदल ट्रैक खासा जोखिम भरा है।
विज्ञापन

क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य सेकू निवासी कमल सिंह रावत, अगोड़ा निवासी पर्यटन व्यवसायी मान सिंह पंवार, गजोली निवासी डा. राधेश्याम खंडूड़ी का कहना है कि 2012 व 13 की आपदा के बाद तो क्षेत्र में सड़क एवं संपर्क मार्गों की स्थिति बदतर होती जा रही है। उन्होंने सरकार से शीघ्र असी गंगा घाटी के सभी गांवों तक सुरक्षित आवाजाही लायक सड़क तैयार करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लकड़ी ढुलान के लिए वर्ष 1960 में डोडीताल से पहले मांझी तक सड़क बनायी गई थी। वर्ष 1972-73 तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही रही। अब सड़क पर कई जगह गाड-गदेरों से हुए कटान के कारण यातायात बहाल करने के लिए कुछ बड़े पुलों का निर्माण करना पड़ेगा। फिलहाल सेकू गांव तक की सड़क को दुरुस्त करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
रविंद्र पुंडीर, वन क्षेत्राधिकारी बाड़ाहाट रेंज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed