{"_id":"5c5c551bbdec22118137383e","slug":"15495550818-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर्षोल्लास के साथ मनाया लोसर का पर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर्षोल्लास के साथ मनाया लोसर का पर्व
विज्ञापन
Lother festival
- फोटो : amarujala
उत्तरकाशी। बौद्ध पंचांग के अनुसार नए साल के स्वागत के लिए मनाए जाने वाले लोसर पर्व का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। चार दिनों तक चले पर्व के अंतिम दिन जाड भोटिया समुदाय के लोगों ने एक दूसरे के साथ आटे की होली खेलकर जमकर जश्न मनाया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य रिंगाली देवी व लाल देवता की विशेष पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की।
बौद्ध पंचांग के अनुसार नए साल के स्वागत में जाड भोटिया समुदाय द्वारा हर वर्ष लोसर पर्व आयोजित किया जाता है, जिसमें हिंदू धर्म के दीपावली, दशहरा और होली के विविध रंग एकसाथ देखने को मिलते हैं। डुंडा वीरपुर गांव में विगत सोमवार रात से शुरू हुए इस अनूठे पर्व के अंतिम दिन ग्रामीण रिंगाली देवी मंदिर प्रांगण में एकत्र हुए, जहां सभी ने एक-दूसरे के साथ आटे की होली खेलकर जमकर जश्न मनाया। इस दौरान पारंपरिक पोशाक में पहुंची बुजुर्ग महिलाओं ने पारंपरिक लोक नृत्य किया, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने समुदाय के आराध्य रिंगाली देवी व लाल देवता के विशेष धार्मिक अनुष्ठान में भोग लगाकर परिवार व गांव की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर प्रधान राजेश नेगी ने बताया कि शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा अपने घरों पर लगे पुराने झंडे हटाकर मंत्र लिखे नए झंडे लगाए जाएंगे। ताकी नववर्ष उनके के लिए खुशहाली व समृद्धि लेकर आए। समारोह के दौरान पूर्व प्रधान नारायण सिंह, जसपाल सिंह रावत, ईश्वर सिंह राणा, राम सिंह, भोपाल सिंह, सीता राम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बौद्ध पंचांग के अनुसार नए साल के स्वागत में जाड भोटिया समुदाय द्वारा हर वर्ष लोसर पर्व आयोजित किया जाता है, जिसमें हिंदू धर्म के दीपावली, दशहरा और होली के विविध रंग एकसाथ देखने को मिलते हैं। डुंडा वीरपुर गांव में विगत सोमवार रात से शुरू हुए इस अनूठे पर्व के अंतिम दिन ग्रामीण रिंगाली देवी मंदिर प्रांगण में एकत्र हुए, जहां सभी ने एक-दूसरे के साथ आटे की होली खेलकर जमकर जश्न मनाया। इस दौरान पारंपरिक पोशाक में पहुंची बुजुर्ग महिलाओं ने पारंपरिक लोक नृत्य किया, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने समुदाय के आराध्य रिंगाली देवी व लाल देवता के विशेष धार्मिक अनुष्ठान में भोग लगाकर परिवार व गांव की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर प्रधान राजेश नेगी ने बताया कि शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा अपने घरों पर लगे पुराने झंडे हटाकर मंत्र लिखे नए झंडे लगाए जाएंगे। ताकी नववर्ष उनके के लिए खुशहाली व समृद्धि लेकर आए। समारोह के दौरान पूर्व प्रधान नारायण सिंह, जसपाल सिंह रावत, ईश्वर सिंह राणा, राम सिंह, भोपाल सिंह, सीता राम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन