{"_id":"5bdc8543bdec22693c1038de","slug":"15411786494-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटन सचिव ने दिये पर्यटन संबंधी सुविधाओं को विकसित करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटन सचिव ने दिये पर्यटन संबंधी सुविधाओं को विकसित करने के निर्देश
Updated Fri, 02 Nov 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरकाशी। सरकार की 13 जिले 13 डेस्टिनेशन योजना से जुड़ी संभावनाओं को तलाशने के लिए पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर शुक्रवार को उत्तरकाशी पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से जिले में मौजूद पर्यटन स्थलों की स्थिति और जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही नए पर्यटन स्थल विकसित करने के निर्देश भी दिए।
दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर उत्तरकाशी पहुंचे। उन्होंने बस अड्डा स्थित हिमाद्री इंपोरियम का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने जिला सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि मोरी-जखोल-हरकीदून क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन की ओर से 50 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस धनराशि से क्षेत्र में पर्यटन का विकास करने के लिए यातायात, हेली सेवा, एतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आदि कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन का विकास करने के लिए अपार संभावनाएं हैं, लेकिन पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन स्थानों को विकसित एवं प्रचारित करने की जरूरत है। इसके तहत टौंस व हर्षिल में रीवर राफ्टिंग, जोशियाड़ा व चिन्यालीसौड़ झील में बोटिंग आदि का आयोजन किया जा सकता है। साथ ही पुराने पुलों को स्काई वॉक (गर्तांगली) के तौर पर भी विकसित किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को नए पर्यटन स्थलों को तलाशने एवं उक्त स्थानों पर मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए। डीएम डा. आशीष चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन स्थलों को विकसित करने के साथ ही युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि होम स्टे योजना के तहत अधिकाधिक ग्रामीणों को भी जोड़ा जा रहा है। बैठक के दौरान एडीएम हेमंत वर्मा, एसडीएम देवेंद्र नेगी, जिला पर्यटन अधिकारी प्रकाश खत्री, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र एसएस रावत, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर उत्तरकाशी पहुंचे। उन्होंने बस अड्डा स्थित हिमाद्री इंपोरियम का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने जिला सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि मोरी-जखोल-हरकीदून क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन की ओर से 50 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस धनराशि से क्षेत्र में पर्यटन का विकास करने के लिए यातायात, हेली सेवा, एतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आदि कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन का विकास करने के लिए अपार संभावनाएं हैं, लेकिन पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन स्थानों को विकसित एवं प्रचारित करने की जरूरत है। इसके तहत टौंस व हर्षिल में रीवर राफ्टिंग, जोशियाड़ा व चिन्यालीसौड़ झील में बोटिंग आदि का आयोजन किया जा सकता है। साथ ही पुराने पुलों को स्काई वॉक (गर्तांगली) के तौर पर भी विकसित किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को नए पर्यटन स्थलों को तलाशने एवं उक्त स्थानों पर मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए। डीएम डा. आशीष चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन स्थलों को विकसित करने के साथ ही युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि होम स्टे योजना के तहत अधिकाधिक ग्रामीणों को भी जोड़ा जा रहा है। बैठक के दौरान एडीएम हेमंत वर्मा, एसडीएम देवेंद्र नेगी, जिला पर्यटन अधिकारी प्रकाश खत्री, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र एसएस रावत, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन