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देखरेख के अभाव में राजगढ़ी में खंडहर हो रही राजशाही की अमूल्य धरोहर
Updated Mon, 03 Sep 2018 10:25 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। सरकारी संरक्षण के अभाव में ऐतिहासिक महत्व वाले राजगढ़ी तहसील में बने भवन अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। राजशाही के दौरान कभी जिन भवनों में राजा का दरबार लगता था, अब वे खंडहर में तब्दील हो गए हैं। लोगों का मानना है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित किया जाए, तो यह पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने टिहरी राजघराने की बहू क्षेत्रीय सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह से इन भवनों का जीर्णोद्धार कराने की मांग की है।
क्षेत्र के लक्ष्मण रावत ने बताया कि टिहरी रियासत काल में राजगढ़ी राजा का गढ़ हुआ करती थी। यहां राजा के सैनिकों के ठहराव के लिए विशाल कोठी के साथ ही कई अन्य भवन बने थे, जिनमें बैठकर टिहरी राजा के अधिकारी एवं मजिस्ट्रेट राज्य शासन के कार्य निपटाते थे। टिहरी नरेश भी जब रवाईं के भ्रमण पर आते थे, तो राजगढ़ी में ही उनका दरबार लगता था, लेकिन अब संरक्षण के अभाव में राजगढ़ी के भवन जर्जर होकर ढह रहे हैं।
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क्षेत्र के लक्ष्मण रावत ने बताया कि टिहरी रियासत काल में राजगढ़ी राजा का गढ़ हुआ करती थी। यहां राजा के सैनिकों के ठहराव के लिए विशाल कोठी के साथ ही कई अन्य भवन बने थे, जिनमें बैठकर टिहरी राजा के अधिकारी एवं मजिस्ट्रेट राज्य शासन के कार्य निपटाते थे। टिहरी नरेश भी जब रवाईं के भ्रमण पर आते थे, तो राजगढ़ी में ही उनका दरबार लगता था, लेकिन अब संरक्षण के अभाव में राजगढ़ी के भवन जर्जर होकर ढह रहे हैं।
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