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गले नहीं उतर रहा आपदा किट घोटाले में एडीओ पंचायत को दोषी ठहराना-compat
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:48 PM IST
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उत्तरकाशी। आपदा प्रबंधन की आड़ में हुए आपदा किट घोटाले में डीएम द्वारा कराई गई जांच में जिले के सभी छह ब्लाकों में तैनात एडीओ पंचायत पर जिम्मेदारी तय की गई है। डीएम ने इनके खिलाफ कार्रवाई सहित जांच के लिए शासन को संस्तुति की है। हालांकि उच्चाधिकारियों के दबाव में हुई आपदा किट खरीद में एडीओ पंचायत को दोषी ठहराया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। अमर उजाला ने विगत 14 जून को इस आपदा किट खरीद घोटाले का खुलासा किया था।
बता दें कि बीते साल 5 जून को आपदा प्रबंधन सचिव स्तर से सभी ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त में मुहैया कराए गए बजट से आपदा के दौरान खोज एवं बचाव के लिए आवश्यक संसाधन खरीदवाने के आदेश जारी हुए थे। इसके तहत न सिर्फ उत्तरकाशी बल्कि प्रदेश के सभी जनपदों में पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम प्रधानों को ऊधमसिंह नगर की एक फर्म विशेष से आपदा किट खरीदने के लिए बाध्य किया गया। उक्त फर्म ने ग्राम पंचायत अधिकारियों के माध्यम से यह आपदा किट गांवों तक पहुंचाई, जबकि आदेशों में कहीं भी फर्म विशेष से आपदा किट खरीद का जिक्र नहीं है। उत्तरकाशी में ही 500 ग्राम पंचायतों को आपदा किट मुहैया कराकर प्रत्येक ग्राम प्रधान से उक्त फर्म के नाम 20,200 रुपये के चेक कटवाए गए, जबकि इस किट में शामिल दो स्ट्रेचर, दो कंबल, दो टॉर्च, सौ मीटर लंबी एक रस्सी, दो तिरपाल, 5-5 लीटर के दो मिल्टन जग और 1-1 गैंती, बेलचा, सब्बल और प्लास्टिक का तसला की खुले बाजार में कीमत बमुश्किल आठ हजार रुपये है।
अमर उजाला में इस घोटाले का खुलासा होने पर डीएम डा.आशीष चौहान ने इस मामले की जांच कराई। प्रशिक्षु आईएएस नमामि बंसल, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल एवं एसडीआरएफ इंचार्ज नरेंद्र आर्य द्वारा की गई इस जांच में प्रथम दृष्टया सभी छह ब्लाकों के एडीओ पंचायत को जिम्मेदार ठहराया गया, क्योंकि उन्होंने ही खरीद के प्रमाणपत्र जारी किए, जिसमें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उक्त फर्म विशेष से आपदा किट खरीदने का जिक्र है। डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेजकर कार्रवाई की संस्तुति तो की है, लेकिन किस अधिकारी के निर्देश पर एडीओ पंचायत ने फर्म विशेष से यह खरीद कराई, इसकी जांच अभी होनी बाकी है।
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करोड़ों के गोलमाल की आशंका
उत्तरकाशी। जनपद की 500 ग्राम पंचायतों में आपदा किट मुहैया कराकर ऊधमसिंह नगर की एक फर्म को 20,200 रुपये प्रति किट के हिसाब से 1.01 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया। उत्तराखंड की सभी 7950 ग्राम पंचायतों में इसी तर्ज पर हुई आपदा किट खरीद में सरकारी खजाने को दस करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने का अंदेशा जताया जा रहा है। इस दर से खरीदी गई आपदा किट की सामग्री
सामग्री- मूल्य (प्रति नग)
स्ट्रेचर- 3600 रुपये
कंबल- 1000 रुपये
टॉर्च- 430 रुपये
रस्सी- 1950 रुपये
तिरपाल- 2450 रुपये
गैंती- 490 रुपये
बेलचा- 560 रुपये
सब्बल- 790 रुपये
तसला- 330 रुपये
वाटर जग- 560 रुपये
कोट.........
आपदा किट की आड़ में सरकार ने गांवों के विकास के लिए मिले बजट को अपने चहेतों की जेब में पहुंचाने की साजिश की है। इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
गिरवीर परमार, प्रांतीय अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन।
बता दें कि बीते साल 5 जून को आपदा प्रबंधन सचिव स्तर से सभी ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त में मुहैया कराए गए बजट से आपदा के दौरान खोज एवं बचाव के लिए आवश्यक संसाधन खरीदवाने के आदेश जारी हुए थे। इसके तहत न सिर्फ उत्तरकाशी बल्कि प्रदेश के सभी जनपदों में पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम प्रधानों को ऊधमसिंह नगर की एक फर्म विशेष से आपदा किट खरीदने के लिए बाध्य किया गया। उक्त फर्म ने ग्राम पंचायत अधिकारियों के माध्यम से यह आपदा किट गांवों तक पहुंचाई, जबकि आदेशों में कहीं भी फर्म विशेष से आपदा किट खरीद का जिक्र नहीं है। उत्तरकाशी में ही 500 ग्राम पंचायतों को आपदा किट मुहैया कराकर प्रत्येक ग्राम प्रधान से उक्त फर्म के नाम 20,200 रुपये के चेक कटवाए गए, जबकि इस किट में शामिल दो स्ट्रेचर, दो कंबल, दो टॉर्च, सौ मीटर लंबी एक रस्सी, दो तिरपाल, 5-5 लीटर के दो मिल्टन जग और 1-1 गैंती, बेलचा, सब्बल और प्लास्टिक का तसला की खुले बाजार में कीमत बमुश्किल आठ हजार रुपये है।
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अमर उजाला में इस घोटाले का खुलासा होने पर डीएम डा.आशीष चौहान ने इस मामले की जांच कराई। प्रशिक्षु आईएएस नमामि बंसल, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल एवं एसडीआरएफ इंचार्ज नरेंद्र आर्य द्वारा की गई इस जांच में प्रथम दृष्टया सभी छह ब्लाकों के एडीओ पंचायत को जिम्मेदार ठहराया गया, क्योंकि उन्होंने ही खरीद के प्रमाणपत्र जारी किए, जिसमें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उक्त फर्म विशेष से आपदा किट खरीदने का जिक्र है। डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेजकर कार्रवाई की संस्तुति तो की है, लेकिन किस अधिकारी के निर्देश पर एडीओ पंचायत ने फर्म विशेष से यह खरीद कराई, इसकी जांच अभी होनी बाकी है।
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उत्तरकाशी। जनपद की 500 ग्राम पंचायतों में आपदा किट मुहैया कराकर ऊधमसिंह नगर की एक फर्म को 20,200 रुपये प्रति किट के हिसाब से 1.01 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया। उत्तराखंड की सभी 7950 ग्राम पंचायतों में इसी तर्ज पर हुई आपदा किट खरीद में सरकारी खजाने को दस करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने का अंदेशा जताया जा रहा है। इस दर से खरीदी गई आपदा किट की सामग्री
सामग्री- मूल्य (प्रति नग)
स्ट्रेचर- 3600 रुपये
कंबल- 1000 रुपये
टॉर्च- 430 रुपये
रस्सी- 1950 रुपये
तिरपाल- 2450 रुपये
गैंती- 490 रुपये
बेलचा- 560 रुपये
सब्बल- 790 रुपये
तसला- 330 रुपये
वाटर जग- 560 रुपये
कोट.........
आपदा किट की आड़ में सरकार ने गांवों के विकास के लिए मिले बजट को अपने चहेतों की जेब में पहुंचाने की साजिश की है। इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
गिरवीर परमार, प्रांतीय अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन।