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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से आवारा पशुओं का डेरा बना गंगनानी अस्पताल
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:32 PM IST
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उत्तरकाशी। भटवाड़ी के हुर्री, भंगेली, तिहार आदि गांवों के ग्रामीणों की सुविधा के लिए गंगनानी में बना अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते आवारा पशुओं का डेरा बना हुआ है। देखरेख के अभाव में लाखों रुपये की लागत से बना अस्पताल भवन जर्जर हो रहा है।
सरकार ने भटवाड़ी के सुदूरवर्ती गंगनानी, हुर्री, तिहार, भंगेली, कुज्जन आदि गांवों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए गंगनानी में करीब 40 लाख रुपये की लागत से अस्पताल का निर्माण कराया था। वर्ष 2011 में तैयार यह अस्पताल चालू ही हुआ था कि वर्ष 2012-13 में गंगा भागीरथी की बाढ़ का पानी अस्पताल भवन तक पहुंच गया। खतरा देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को यहां से गंगनानी एएनएम सेंटर के दो कमरों में शिफ्ट कर दिया।
अस्पताल भवन की सुरक्षा के नाम पर सरकार ने करीब दो करोड़ रुपये लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण तो कराया, लेकिन बिना उपयोग के जर्जर हो रहे अस्पताल भवन की सुध नहीं ली। सीएमओ डा. विनोद नौटियाल का कहना है कि गंगनानी अस्पताल भवन बीते सालों की बाढ़ के चलते खतरे की जद में आने पर एएनएम सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया था। सुरक्षा दीवार बनने के बाद अब इस भवन को बीएडीपी के बजट से दुरुस्त कराकर शीघ्र उपयोग में लाया जाएगा।
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सरकार ने भटवाड़ी के सुदूरवर्ती गंगनानी, हुर्री, तिहार, भंगेली, कुज्जन आदि गांवों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए गंगनानी में करीब 40 लाख रुपये की लागत से अस्पताल का निर्माण कराया था। वर्ष 2011 में तैयार यह अस्पताल चालू ही हुआ था कि वर्ष 2012-13 में गंगा भागीरथी की बाढ़ का पानी अस्पताल भवन तक पहुंच गया। खतरा देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को यहां से गंगनानी एएनएम सेंटर के दो कमरों में शिफ्ट कर दिया।
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अस्पताल भवन की सुरक्षा के नाम पर सरकार ने करीब दो करोड़ रुपये लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण तो कराया, लेकिन बिना उपयोग के जर्जर हो रहे अस्पताल भवन की सुध नहीं ली। सीएमओ डा. विनोद नौटियाल का कहना है कि गंगनानी अस्पताल भवन बीते सालों की बाढ़ के चलते खतरे की जद में आने पर एएनएम सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया था। सुरक्षा दीवार बनने के बाद अब इस भवन को बीएडीपी के बजट से दुरुस्त कराकर शीघ्र उपयोग में लाया जाएगा।
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