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गोमुख एवं गंगोत्री ग्लेशियर का अध्ययन कर लौटी विशेषज्ञों की टीम
Updated Thu, 21 Jun 2018 10:48 PM IST
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उत्तरकाशी। बीते साल गंगोत्री ग्लेशियर के मुहाने गोमुख में बनी झील और यहां जमा मलबे की पड़ताल के लिए गोमुख पहुंची टीम मौका मुआयना करने के साथ ही आवश्यक जानकारियां जुटाकर गंगोत्री लौट आयी है। टीम ने ड्रोन कैमरों एवं अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से गंगोत्री ग्लेशियर और गोमुख की पड़ताल की।
बता दें बीते साल जून में गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में नीला ताल टूटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा ग्लेशियर के मुहाने गोमुख तक पहुंचा था, जिससे गोमुख में गंगा भागीरथी का प्रवाह अवरुद्ध होने से यहां झील बन गई थी। बीते साल दिसंबर में सरकार ने झील और ग्लेशियर क्षेत्र में हो रहे बदलावों के दूरगामी परिणामों की पड़ताल के लिए टीम गठित की थी।
बीते 19 जून को भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान, भारतीय भू विज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग, सिंचाई विभाग एवं एसडीआरएफ की टीम गंगोत्री गोमुख क्षेत्र में पहुंची। टीम में शामिल एसडीआरएफ के जिला प्रभारी नरेंद्र आर्य ने बताया कि टीम में शामिल विशेषज्ञों ने ड्रोन कैमरों की मदद से गोमुख तथा गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र की फोटो एवं वीडियोग्राफी कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि टीम बृहस्पतिवार को गोमुख से गंगोत्री लौट आयी है। टीम में आपदा प्रबंधन के कार्यकारी निदेशक पीयूष रौतेला सहित अन्य विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम देहरादून पहुंचकर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
बता दें बीते साल जून में गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में नीला ताल टूटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा ग्लेशियर के मुहाने गोमुख तक पहुंचा था, जिससे गोमुख में गंगा भागीरथी का प्रवाह अवरुद्ध होने से यहां झील बन गई थी। बीते साल दिसंबर में सरकार ने झील और ग्लेशियर क्षेत्र में हो रहे बदलावों के दूरगामी परिणामों की पड़ताल के लिए टीम गठित की थी।
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बीते 19 जून को भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान, भारतीय भू विज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग, सिंचाई विभाग एवं एसडीआरएफ की टीम गंगोत्री गोमुख क्षेत्र में पहुंची। टीम में शामिल एसडीआरएफ के जिला प्रभारी नरेंद्र आर्य ने बताया कि टीम में शामिल विशेषज्ञों ने ड्रोन कैमरों की मदद से गोमुख तथा गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र की फोटो एवं वीडियोग्राफी कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि टीम बृहस्पतिवार को गोमुख से गंगोत्री लौट आयी है। टीम में आपदा प्रबंधन के कार्यकारी निदेशक पीयूष रौतेला सहित अन्य विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम देहरादून पहुंचकर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
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