{"_id":"59e638444f1c1baf678b639f","slug":"15082599771-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेदिक क्षेत्र में करनी होगी नई खोज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुर्वेदिक क्षेत्र में करनी होगी नई खोज
Updated Tue, 17 Oct 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरकाशी। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा को आगे बढ़ाने के लिए चिकित्सकों का योगदान जरूरी है। यदि आयुर्वेद चिकित्सा को संपूर्णता के साथ आगे बढ़ाना है, तो आयुर्वेदिक क्षेत्र में नई-नई खोज करनी होगी।
यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। प्रदेशभर में आयुर्वेद डाक्टर हमारे पास पर्याप्त हैं, लेकिन एलोपैथिक के डाक्टरों की कमी को भी शीघ्र पूरे करने का प्रयास किए जा रहे हैं। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मेजर बचन सिंह रावत, डा. रामचंद्र उनियाल, हरीश सेमवाल, डा. एलडी नौटियाल, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डा. रमाशंकर बलूनी, डा. लीला रावत, डा. जयकिशन आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। प्रदेशभर में आयुर्वेद डाक्टर हमारे पास पर्याप्त हैं, लेकिन एलोपैथिक के डाक्टरों की कमी को भी शीघ्र पूरे करने का प्रयास किए जा रहे हैं। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मेजर बचन सिंह रावत, डा. रामचंद्र उनियाल, हरीश सेमवाल, डा. एलडी नौटियाल, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डा. रमाशंकर बलूनी, डा. लीला रावत, डा. जयकिशन आदि शामिल रहे।
विज्ञापन