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गांव के नौनिहालों का भविष्य संवारने में लगे हैं संग्राली के युवा
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:35 PM IST
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उत्तरकाशी। संग्राली गांव के युवा गांव का भविष्य संवारने में लगे हुए हैं। गांव से शिक्षा के नाम पर पलायन न हो इसके लिए नव युवक मंगल दल संग्राली ने गांव में एक नई मुहिम छेड़ी है। इसके तहत गांव के बच्चों को स्वयं के खर्चे पर ट्यूशन पढ़ाया जा रहा है, जिसके लिए गांव की एक युवती रखा गया है। जो हर दिन तीन घंटे मंदिर परिसर में कक्षा एक-आठ तक के 25 बच्चों को पढ़ाती है।
दल के अध्यक्ष संदीप सेमवाल ने बताया कि वर्ष 2010 में उन्होंने गांव के दस युवकों का दल गठित किया। बताया कि बच्चों को पढ़ाने के लिए गांव छोड़ने पर उन्होंने गांव में ही ट्यूशन पढ़ाने का मन बनाया। तब वर्ष 2011 से गांव में ट्यूशन पढ़ाने की मुहिम छेड़ दिया। बताया कि दो वर्ष तक गूंज संस्था ने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए शिक्षिका कुसुम भट्ट का खर्चा दिया था, लेकिन वर्ष 2016 से दल ही शिक्षिका को ट्यूशन फीस दे रहा है। इसके लिए आसपास के सक्षम परिवारों से पैसा एकत्र किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा दल गांव में स्वच्छता अभियान भी चला रहा है और ग्रामीणों द्वारा बनाई गई कंडी, टोकरी, सूप को भी बेच रहा है। गांव के दामोदर सेमवाल, बुद्धि बल्लभ नैथानी, जगदीश नौटियाल ने कहा कि गांव में अच्छी शिक्षा को लेकर परिवार पलायन कर रहे थे, लेकिन युवकों की मुहिम के कारण गांव में बदलाव आ रहा है।
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दल के अध्यक्ष संदीप सेमवाल ने बताया कि वर्ष 2010 में उन्होंने गांव के दस युवकों का दल गठित किया। बताया कि बच्चों को पढ़ाने के लिए गांव छोड़ने पर उन्होंने गांव में ही ट्यूशन पढ़ाने का मन बनाया। तब वर्ष 2011 से गांव में ट्यूशन पढ़ाने की मुहिम छेड़ दिया। बताया कि दो वर्ष तक गूंज संस्था ने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए शिक्षिका कुसुम भट्ट का खर्चा दिया था, लेकिन वर्ष 2016 से दल ही शिक्षिका को ट्यूशन फीस दे रहा है। इसके लिए आसपास के सक्षम परिवारों से पैसा एकत्र किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा दल गांव में स्वच्छता अभियान भी चला रहा है और ग्रामीणों द्वारा बनाई गई कंडी, टोकरी, सूप को भी बेच रहा है। गांव के दामोदर सेमवाल, बुद्धि बल्लभ नैथानी, जगदीश नौटियाल ने कहा कि गांव में अच्छी शिक्षा को लेकर परिवार पलायन कर रहे थे, लेकिन युवकों की मुहिम के कारण गांव में बदलाव आ रहा है।
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