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रंग लाया संघर्ष, उत्तरकाशी ओबीसी में शामिल

Sat, 19 Oct 2013 09:51 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 19 Oct 2013 09:51 AM IST
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Uttarkashi, included in OBC

पिछले एक साल से संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में संघर्षरत उत्तरकाशी के लोगों की मेहनत रंग लाई।

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लोकसभा चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण
वर्ष 2004 में जिले में छूट गई बड़ी आबादी को सरकार ने ओबीसी में शामिल करने का फैसला लिया। यह निर्णय शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार के इस फैसले को आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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इस फैसले से तीन लाख से ज्यादा आबादी को फायदा मिलेगा। उत्तरकाशी में शुक्रवार को भी इस मांग को लेकर क्रमिक अनशन जारी रहा। चार धाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सूरत राम नौटियाल समेत क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में संयुक्त संघर्ष समिति पिछले काफी दिनों से संघर्षरत थी।
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सरकार ने कमिश्नर गढ़वाल व डीएम उत्तरकाशी की रिपोर्ट के बाद इस मामले को कैबिनेट से स्वीकृत कराया।

31 जनवरी 2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने रवांईं के पुरोला, मोरी, नौगांव ब्लॉक व जौनपुर के थत्यूड़ ब्लॉक के कुछ हिस्सों को ओबीसी में शामिल किया।

लेकिन इसमें बड़ी संख्या में लोग छूट गए थे। उन्हें लेकर बीच-बीच में आंदोलन होता रहा लेकिन पिछले काफी दिनों से यह मुहिम तेज हो गई थीं।

यह क्षेत्र हुए शामिल
उत्तरकाशी नगर पालिका क्षेत्र, चिन्यालीसौड़ के क्षेत्र बिष्ट पट्टी, गमरी, दिचली, गमरी, जिले के भटवाड़ी, डुंडा के रवांल्टा समुदाय व जौनपुरी समुदाय

आठ फीसदी आबादी वंचित
उत्तरकाशी के सभी ब्लॉकों को ओबीसी के दायरे में लाने के बाद भी जिले की करीब आठ फीसदी आबादी इस लाभ से वंचित रह सकती है। इसमें उन्हीं लोगों को रखा गया है, जो वर्ष 1960 से पहले रवाईं घाटी में रह रहे हैं।

उसके बाद बाहर अथवा आसपास से आकर रवांई घाटी में रहने वाले लोगों को यह लाभ नहीं मिल सकेगा। हालांकि शुक्रवार को सरकार की ओर से हुई घोषणा पर जिले की तकरीबन तीन लाख आबादी ओबीसी के दायरे में आ गई है।

युवाओं को लाभ
ओबीसी का दर्जा मिलने से सबसे अधिक फायदा बेरोजगार युवाओं को होगा। स्कूल-कॉलेजों में प्रवेश और सरकारी योजनाओं से ओबीसी को मिलने वाली योजनाओं का भी युवाओं को लाभ मिलेगा।

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पहले बीएड जैसी परीक्षाओं में सफलता का खास प्रतिशत नहीं होता था। ओबीसी होने के बाद बड़ी संख्या में युवा बीएड में निकले हैं। समीक्षा अधिकारी के 15 से अधिक पदों पर भी रवाईं क्षेत्र के युवाओं का चयन हुआ है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पदों पर भी युवाओं को सफलता मिली है।

मैंने इसी शर्त पर कांग्रेस की सरकार को समर्थन दिया था कि रवांल्टा व जौनपुरी समुदाय के शेष लोगों को भी ओबीसी में शामिल किया जाएगा। पूरा अध्ययन करने के बाद सरकार ने इस मांग को पूरा कर दिया है।
- प्रीतम सिंह पंवार, कैबिनेट मंत्री

क्षेत्र के लोगों ने एकजुट होकर लड़ाई लड़ी। मैं खुद कई बार क्षेत्रीय लोगों के साथ आयोग व मुख्यमंत्री से मिला और हकीकत से अवगत कराया। एक ही जैसी आर्थिकी वाली एक ही बिरादरी को दो चश्मों से नहीं देखा जा सकता था। इसलिए हम लगातार उत्तरकाशी कलक्ट्रेट में आंदोलनरत थे। अंतत: सरकार को हमारी बात माननी पड़ी।
- सूरतराम नौटियाल, चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष

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