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उत्तराखंड में मंत्री बने सौरभ बहुगुणा: दादा और पिता मुख्यमंत्री रहे, दादी सांसद तो बुआ भी रहीं मंत्री, जानिए यूपी-उत्तराखंड की सियासत में कैसे बढ़ा बहुगुणा परिवार
Wed, 23 Mar 2022 04:14 PM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 23 Mar 2022 04:14 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की तीसरी पीढ़ी में भी मंत्री बनने का सिलसिला जारी है। आज उत्तराखंड में उनके पौत्र सौरभ बहुगुणा ने मंत्री पद की शपथ ली।
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सौरभ बहुगुणा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देवभूमि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट में एक नया चेहरा शामिल हुआ है। ये चेहरा है सौरभ बहुगुणा का। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सियासत में बहुगुणा परिवार का काफी दबदबा रहा है। सौरभ के दादा हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तर प्रदेश और पिता विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे।
सौरभ की बुआ यानी हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी डॉ. रीता बहुगुणा जोशी भी उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा चेहरा हैं। रीता जोशी यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। इसके बाद योगी सरकार में मंत्री भी रहीं। अब वह प्रयागराज से भाजपा की सांसद हैं।
आइए जानते हैं सौरभ बहुगुणा और उनके परिवार के सियासी सफर के बारे में सबकुछ...
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सौरभ की बुआ यानी हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी डॉ. रीता बहुगुणा जोशी भी उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा चेहरा हैं। रीता जोशी यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। इसके बाद योगी सरकार में मंत्री भी रहीं। अब वह प्रयागराज से भाजपा की सांसद हैं।
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आइए जानते हैं सौरभ बहुगुणा और उनके परिवार के सियासी सफर के बारे में सबकुछ...
दादा-पिता की राजनीतिक विरासत संभाली
हेमवती नंदन बहुगुणा, विजय बहुगुणा और रीता बहुगुणा जोशी।
- फोटो : अमर उजाला
43 साल के सौरभ बहुगुणा के दादा हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे। यही कारण है कि 1973 में जब उत्तर प्रदेश से राष्ट्रपति शासन हटाया गया तो कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। हेमवती दो साल 21 दिन तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे। तब उत्तराखंड भी यूपी का ही हिस्सा हुआ करता था। यही नहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा को चौधरी चरण सिंह की सरकार में वित्त मंत्री भी बनाया गया था। उनका जन्म भी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था।
हेमवती के तीन बच्चे हुए। विजय बहुगुणा, शेखर बहुगुणा और रीता बहुगुणा। सभी ने कांग्रेस से ही राजनीति की शुरुआत की और बाद में एक-एक करके भाजपा में आ गए। शादी के बाद रीता जोशी यूपी की राजनीति में सक्रिय हो गईं, वहीं विजय उत्तराखंड में पिता की राजनीतिक विरासत आगे बढ़ाते रहे। विजय मार्च 2012 से जनवरी 2014 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। जबकि, शेखर बहुगुणा भी कांग्रेस के टिकट पर फूलपुर से चुनाव लड़ चुके हैं।
रीता जोशी ने 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके कुछ दिनों बाद ही विजय बहुगुणा भी भाजपा में आ गए। विजय के बेटे सौरभ बहुगुणा ने 2017 में पहली बार सितारगंज से चुनाव जीता। इस बार भी वह सितारगंज से विधायक चुने गए और अब उन्हें मंत्री का पद भी मिल गया।
7.83 करोड़ के मालिक, मध्य प्रदेश से की पढ़ाई
सौरभ के पास कुल 7.83 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें 3.73 करोड़ रुपये की चल और 4.12 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। सौरभ ने मध्य प्रदेश के एपीएस यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की है।
हेमवती के तीन बच्चे हुए। विजय बहुगुणा, शेखर बहुगुणा और रीता बहुगुणा। सभी ने कांग्रेस से ही राजनीति की शुरुआत की और बाद में एक-एक करके भाजपा में आ गए। शादी के बाद रीता जोशी यूपी की राजनीति में सक्रिय हो गईं, वहीं विजय उत्तराखंड में पिता की राजनीतिक विरासत आगे बढ़ाते रहे। विजय मार्च 2012 से जनवरी 2014 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। जबकि, शेखर बहुगुणा भी कांग्रेस के टिकट पर फूलपुर से चुनाव लड़ चुके हैं।
रीता जोशी ने 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके कुछ दिनों बाद ही विजय बहुगुणा भी भाजपा में आ गए। विजय के बेटे सौरभ बहुगुणा ने 2017 में पहली बार सितारगंज से चुनाव जीता। इस बार भी वह सितारगंज से विधायक चुने गए और अब उन्हें मंत्री का पद भी मिल गया।
7.83 करोड़ के मालिक, मध्य प्रदेश से की पढ़ाई
सौरभ के पास कुल 7.83 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें 3.73 करोड़ रुपये की चल और 4.12 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। सौरभ ने मध्य प्रदेश के एपीएस यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की है।
धामी के साथ आठ मंत्रियों ने भी ली शपथ
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला
पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दूसरी बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। धामी के साथ आठ मंत्रियों को भी राज्यपाल ने शपथ दिलाई। इसमें सतपाल महाराज, प्रेम चंद्र अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, चंदन राम दास और सौरभ बहुगुणा शामिल हैं।
नई कैबिनेट में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण किया गया है। इसमें धामी के पुराने मंत्रिमंडल के पांच मंत्रियों को फिर से जगह मिली है। वहीं, पिछली विधानसभा के अध्यक्ष रहे प्रेमचंद्र अग्रवाल को भी धामी कैबिनेट में शामिल किया गया है। नए चेहरों के रूप में सौरभ बहुगुणा और चंदन राम दास को भी इस कैबिनेट में शामिल किया गया है।
नई कैबिनेट में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण किया गया है। इसमें धामी के पुराने मंत्रिमंडल के पांच मंत्रियों को फिर से जगह मिली है। वहीं, पिछली विधानसभा के अध्यक्ष रहे प्रेमचंद्र अग्रवाल को भी धामी कैबिनेट में शामिल किया गया है। नए चेहरों के रूप में सौरभ बहुगुणा और चंदन राम दास को भी इस कैबिनेट में शामिल किया गया है।