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ठंड में संभालकर रखें दिल, वर्ना होगी बड़ी मुश्किल
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डॉ. ईश्वर अग्रवाल।
- फोटो : KASHIPUR
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सुबह, शाम तेजी से बढ़ रही ठंड दिल के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। ठिठुरन से रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से हाई कॉलेस्ट्रॉल के मरीजों को जरा सी लापरवाही संकट में डाल सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण तराई में ठिठुरन बढ़ गई है। दोपहर होते-होते सूर्यदेव छिपने लगते हैं। मंगलवार को तेज हवाओं के चलने के कारण सर्दी में बढ़ोतरी होगी। काशीपुर में मौसम कार्यालय में अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा।
आर्द्रता का स्तर 59 दर्ज किया गया। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम अग्रवाल ने बताया कि सर्दी के दिनों में हृदय को अधिक काम करना पड़ता है जिससे हृदय पर जोर बढ़ता है। इससे रक्तचाप बढ़ने के साथ ही हार्ट फेल का खतरा भी बना रहता है।
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इसके लिए हृदय के रोगियों को ठंड से बचना चाहिए और नियमित रूप से दवा का सेवन करना चाहिए। जनरल फिजिशियन डॉ. ईश्वर अग्रवाल ने बताया कि ठंड के मौसम में सांस फूलने की शिकायत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सर्दी में शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे रक्त वाहिनियों के संकरा होने से हृदय के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शरीर में अल्फा रिसेप्टर होते हैं जो सर्दियों में अधिक सक्रिय होते हैं। इससे बीपी का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में बीपी को नियंत्रण में रखना जरूरी है।
ये सावधानियां बरतें-
-मीठा, नमकीन और खट्टा कम खाएं, सर्दियों में घर में दुबके न रहे, धूप सेंके।
-हाई बीपी के रोगी सुबह शाम दवा लेकर ही घर से बाहर निकलें।
-एक मोटा कपड़ा पहनने की बजाए कई कपड़े पहनें, इससे ऊष्मा काफी देर तक एकत्र रहती है। सिर को अच्छी तरह से ऊनी कपड़े से ढकें।
-संतुलित, पोषक और ताजा भोजन खाएं। अल्कोहल और कैफीन के सेवन से बचें क्योंकि यह शरीर से ऊष्मा को बाहर निकालते हैं।
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पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण तराई में ठिठुरन बढ़ गई है। दोपहर होते-होते सूर्यदेव छिपने लगते हैं। मंगलवार को तेज हवाओं के चलने के कारण सर्दी में बढ़ोतरी होगी। काशीपुर में मौसम कार्यालय में अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा।
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आर्द्रता का स्तर 59 दर्ज किया गया। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम अग्रवाल ने बताया कि सर्दी के दिनों में हृदय को अधिक काम करना पड़ता है जिससे हृदय पर जोर बढ़ता है। इससे रक्तचाप बढ़ने के साथ ही हार्ट फेल का खतरा भी बना रहता है।
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इसके लिए हृदय के रोगियों को ठंड से बचना चाहिए और नियमित रूप से दवा का सेवन करना चाहिए। जनरल फिजिशियन डॉ. ईश्वर अग्रवाल ने बताया कि ठंड के मौसम में सांस फूलने की शिकायत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सर्दी में शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे रक्त वाहिनियों के संकरा होने से हृदय के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शरीर में अल्फा रिसेप्टर होते हैं जो सर्दियों में अधिक सक्रिय होते हैं। इससे बीपी का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में बीपी को नियंत्रण में रखना जरूरी है।
ये सावधानियां बरतें-
-मीठा, नमकीन और खट्टा कम खाएं, सर्दियों में घर में दुबके न रहे, धूप सेंके।
-हाई बीपी के रोगी सुबह शाम दवा लेकर ही घर से बाहर निकलें।
-एक मोटा कपड़ा पहनने की बजाए कई कपड़े पहनें, इससे ऊष्मा काफी देर तक एकत्र रहती है। सिर को अच्छी तरह से ऊनी कपड़े से ढकें।
-संतुलित, पोषक और ताजा भोजन खाएं। अल्कोहल और कैफीन के सेवन से बचें क्योंकि यह शरीर से ऊष्मा को बाहर निकालते हैं।

डॉ. शुभम अग्रवाल।- फोटो : KASHIPUR