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Udham Singh Nagar News: खेती-बाड़ी और दुकान संचालन में दक्ष होंगी महिलाएं
Wed, 26 Feb 2025 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 26 Feb 2025 01:01 AM IST
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रुद्रपुर। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक उन्नयन के लिए रूरल इंटरप्राइजेज एक्सलेरेशन प्रोजेक्ट (रीप) धनराशि उपलब्ध कराएगा। स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं 200 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें खेती-बाड़ी करने और दुकान संचालन के लिए दक्ष किया जाएगा।
ऊधमसिंह नगर में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तमाम अवसर तलाशे जा रहे हैं। समूह की महिलाओं को मत्स्य पालन के साथ-साथ ही हस्तशिल्प से भी जोड़ा गया है। अब महिलाओं को खेती-बाड़ी की विधियां बताई जाएंगी, ताकि कृषि प्रधान जिले में महिलाएं खेती-बाड़ी को आर्थिकी का आधार बना सकें।
इसके लिए समूह की 200 महिलाओं को खेती-बाड़ी और दुकान संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन विधाओं के प्रशिक्षक महिलाओं को तराई में होने वाली खेती के उन्नत तरीके सिखाएंगे। इसमें समय पर खेतों की बुवाई, बीज निर्धारण और उर्वरकों का समुचित इस्तेमाल के तरीके बताए जाएंगे।
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इसके साथ ही अलग-अलग दुकान करने के तरीकों से भी इन्हें दक्ष किया जाएगा। इसमें महिलाएं एक लाख तक का प्रोजेक्ट बनाकर काम कर सकती हैं। रीप की ओर से इन्हें 35 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।
समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म तैयार कराए जा रहे हैं। 200 महिलाओं को दुकान संचालन और खेती-बाड़ी करने के लिए प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। - मनीष कुमार, सीडीओ
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ऊधमसिंह नगर में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तमाम अवसर तलाशे जा रहे हैं। समूह की महिलाओं को मत्स्य पालन के साथ-साथ ही हस्तशिल्प से भी जोड़ा गया है। अब महिलाओं को खेती-बाड़ी की विधियां बताई जाएंगी, ताकि कृषि प्रधान जिले में महिलाएं खेती-बाड़ी को आर्थिकी का आधार बना सकें।
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इसके लिए समूह की 200 महिलाओं को खेती-बाड़ी और दुकान संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन विधाओं के प्रशिक्षक महिलाओं को तराई में होने वाली खेती के उन्नत तरीके सिखाएंगे। इसमें समय पर खेतों की बुवाई, बीज निर्धारण और उर्वरकों का समुचित इस्तेमाल के तरीके बताए जाएंगे।
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इसके साथ ही अलग-अलग दुकान करने के तरीकों से भी इन्हें दक्ष किया जाएगा। इसमें महिलाएं एक लाख तक का प्रोजेक्ट बनाकर काम कर सकती हैं। रीप की ओर से इन्हें 35 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।
समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म तैयार कराए जा रहे हैं। 200 महिलाओं को दुकान संचालन और खेती-बाड़ी करने के लिए प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। - मनीष कुमार, सीडीओ