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Udham Singh Nagar News: स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं
Sat, 05 Sep 2026 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:25 AM IST
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काशीपुर। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं अब कागज काटने की मशीन चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। रानी लक्ष्मीबाई संकुल संगठन कुंडेश्वरी की महिलाओं ने प्रिंटिंग पेपर का काम शुरू कर न सिर्फ रोजगार पाया है, बल्कि सरकारी दफ्तरों और बैंकों तक अपने ऑर्डर पहुंचाकर अच्छी आय भी अर्जित कर रही हैं।
विकास खंड के रामनगर-काशीपुर गांव में समूह की महिलाओं ने पेपर कटिंग मशीन स्थापित की है। महिलाएं पेपर मिल से कागज के बड़े रोल लाकर उसे ए-4, ए-3 और ए-5 जैसे विभिन्न साइज में काटती हैं और बंडल बनाकर बाजार में बेचती हैं। संकुल संगठन की अध्यक्ष रेखा बोहरा ने बताया कि उनके साथ आठ महिलाएं जुड़ी हैं। काम शुरू करने से पहले ब्लॉक स्तर से उन्हें प्रशिक्षण दिया गया था। पिछले तीन माह से वे लगातार यह कार्य कर रही हैं। अब उन्हें काशीपुर ब्लॉक, जसपुर ब्लॉक, खटीमा, सितारगंज, विकास भवन और बैंकों से लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। रेखा ने बताया कि संगठन के रूप में काम करने से उन्हें मजबूती मिली है। संगठन में सचिव सुमन, उपाध्यक्ष पूनम, उप सचिव रानी, सदस्य देवकी, प्रीति, मीनू, प्रेमलता, प्रिया और उषा मिलकर काम करती हैं। काम से होने वाली आय सभी में बराबर बांटी जाती है, जिससे हर महिला की आजीविका चल रही है।
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विकास खंड के रामनगर-काशीपुर गांव में समूह की महिलाओं ने पेपर कटिंग मशीन स्थापित की है। महिलाएं पेपर मिल से कागज के बड़े रोल लाकर उसे ए-4, ए-3 और ए-5 जैसे विभिन्न साइज में काटती हैं और बंडल बनाकर बाजार में बेचती हैं। संकुल संगठन की अध्यक्ष रेखा बोहरा ने बताया कि उनके साथ आठ महिलाएं जुड़ी हैं। काम शुरू करने से पहले ब्लॉक स्तर से उन्हें प्रशिक्षण दिया गया था। पिछले तीन माह से वे लगातार यह कार्य कर रही हैं। अब उन्हें काशीपुर ब्लॉक, जसपुर ब्लॉक, खटीमा, सितारगंज, विकास भवन और बैंकों से लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। रेखा ने बताया कि संगठन के रूप में काम करने से उन्हें मजबूती मिली है। संगठन में सचिव सुमन, उपाध्यक्ष पूनम, उप सचिव रानी, सदस्य देवकी, प्रीति, मीनू, प्रेमलता, प्रिया और उषा मिलकर काम करती हैं। काम से होने वाली आय सभी में बराबर बांटी जाती है, जिससे हर महिला की आजीविका चल रही है।
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