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थाई मांगुर के विनाश के साथ ही खरीद फरोख्त पर भी रोक
Sun, 07 Jul 2019 12:22 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Sun, 07 Jul 2019 12:22 AM IST
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थाई मांगुर मछली।
- फोटो : amar ujala
इकोसिस्टम के लिए खतरा बनी थाई मांगुर मछली के विनिष्टीकरण के साथ ही अब जिले में इसकी खरीद फरोख्त पर भी रोक लगा दी गई है। मत्स्य विभाग की ओर से जिले के 55 मछली पालक और आढ़तियों को थाई मांगुर के विनाश और खरीद फरोख्त न करने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद भी अगर मछली पालक और आढ़ती नोटिस का पालन करते हैं तो टास्क फोर्स टीम की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इकोसिस्टम के लिए खतरा बनी मत्स्य प्रजाति की थाई मांगुर मछली का विनिष्टीकरण करने के आदेश पहले ही मत्स्य विभाग को जारी कर दिए थे। अब मत्स्य विभाग की ओर से जिले के 55 थाई मांगुर मछली पालकों और आढ़तियों को इसकी खरीद फरोख्त रोकने के नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि इसके लिए सातों ब्लॉकों के इंस्पेक्टरों ने सर्वे कर थाई मांगुर मछली पालकों और आढ़तियों को चिह्नित किया था।
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मत्स्य विभाग के इंस्पेक्टर रविंद्र ने बताया कि नोटिस भेजने के बाद भी यदि आढ़तियों और मछली पालकों ने इस मछली का पालन या खरीद फरोख्त बंद नहीं की तो टास्क फोर्स टीम की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उसके साथ ही मछलियों के विनिष्टीकरण करने के रुपये भी इन्हीं लोगों से वसूले जाएंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने किच्छा मंडी समिति के सचिव को थाई मांगुर के खरीद फरोख्त पर रोक लगाने के बाद मंडी में उसको पूरी तरह से बैन करने के लिए पत्र लिखा है।
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जिले में चिह्नित किए गए थाई मांगुर मछली पालक और आढ़ती
ब्लॉक संख्या
जसपुर 12
काशीपुर 11
सितारगंज 8
खटीमा 8
रुद्रपुर 7
गदरपुर 5
बाजपुर 4